चेन्नई के द लीला होटल में 1 और 2 जुलाई को आयोजित हुआ SOG ग्रैंडमास्टर्स सीरीज़ साउथ ज़ोन 2, जिसमें चेन्नई, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह से आए हजारों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय इस मेगा इवेंट ने देशभर से आए शीर्ष प्रतिभाओं को शतरंज और रम्मी जैसे माइंड स्पोर्ट्स में अपनी योग्यता दिखाने का मंच प्रदान किया।
समापन समारोह में पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान श्री कृष्णमाचारी श्रीकांत, विश्व रैपिड शतरंज चैंपियन कोनेरू हम्पी और राज्यसभा सांसद पी. विल्सन मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे टूर्नामेंट युवाओं में रणनीतिक सोच और मानसिक कुशलता को बढ़ावा देते हैं।
इंडियन चेस मास्टर्स (ICM) की पुरुष श्रेणी में ग्रैंडमास्टर सेथुरमन एस.पी. ने स्वर्ण पदक जीतते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि अर्नव महेश्वरी को रजत और प्रदीप कुमार आर.ए. को कांस्य पदक मिला। महिला वर्ग में कीर्ति श्री रेड्डी ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया, वहीं कनिष्का एस और प्रदिक्षा पी.एस. ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते।

इंडियन रम्मी ग्रैंडमास्टर्स – साउथ ज़ोन 2 में युवराज आर ने पहला स्थान प्राप्त कर चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। मकेश मुथुवेल दूसरे और मुरुगेशन कन्नदासन तीसरे स्थान पर रहे। चौथे से छठे स्थान पर क्रमशः करुपैया कलियापेरुमल, कोलांजिनाथन राजा और जयकुमार रहे।

इस अवसर पर श्री कृष्णमाचारी श्रीकांत ने कहा, “क्रिकेट ने मुझे सिखाया कि असली मुकाबला हमेशा दिमाग में होता है। मानसिक दृढ़ता और एकाग्रता आज के प्रतिस्पर्धी युग में बेहद आवश्यक है।”
ग्रैंडमास्टर कोनेरू हम्पी ने भारतीय युवाओं में शतरंज की बढ़ती लोकप्रियता की सराहना की और कहा, “यह देखकर खुशी होती है कि इतनी बड़ी संख्या में युवा गंभीरता से इस खेल को अपनाते हैं। यह खेल अब भारत की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा बनता जा रहा है।”
SOG फेडरेशन के अध्यक्ष श्री शंकर अग्रवाल ने कहा, “आज के डिजिटल युग में मस्तिष्क पर आधारित खेलों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। शतरंज जैसे स्किल-बेस्ड गेम्स देश के युवाओं को मानसिक रूप से सशक्त बना रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहे हैं।”
आयोजन में SOGF के कई प्रमुख पदाधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें संस्थापक व सलाहकार अधिवक्ता नंदन झा, उपाध्यक्ष श्री अशोक ध्यानचंद, संयुक्त सचिव व टूर्नामेंट निदेशक श्री गौरव ध्यानचंद सहित देशभर के कई गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
1975 हॉकी विश्व कप की स्वर्ण जयंती पर भारतीय हॉकी के दिग्गजों को किया गया सम्मानित
भारत की 1975 हॉकी विश्व कप में ऐतिहासिक जीत के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर उन दिग्गजों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिनकी उपलब्धियों ने भारत को विश्व पटल पर गौरव दिलाया और जो आज भी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं।
इस विशेष अवसर पर जिन महान खिलाड़ियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, उनमें शामिल हैं:
श्री अशोक कुमार – 1975 विश्व कप विजेता, अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित
श्री वी. भास्करन – 1980 ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता, अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित
श्री बी. पी. गोविंदा – 1975 विश्व कप विजेता, अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित
श्री चार्ल्स कॉर्नेलियस – 1972 ओलंपिक कांस्य पदक विजेता, विश्व कप रजत एवं कांस्य पदक विजेता, ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित
श्री वी. जे. फिलिप्स – विश्व कप स्वर्ण पदक विजेता, ओलंपिक कांस्य पदक विजेता
इन खिलाड़ियों ने न केवल भारतीय हॉकी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा दिलाई, बल्कि अपने खेल कौशल, समर्पण और नेतृत्व से देशवासियों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। समारोह में आयोजकों ने इन महान खिलाड़ियों को नमन करते हुए उनके अमूल्य योगदान के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।
इस ऐतिहासिक अवसर की शोभा बढ़ाई श्री वेंकटाचलम सरवणन, भारतीय इंटरनेशनल मास्टर (शतरंज) ने, जो SOG ग्रैंडमास्टर्स सीरीज़, चेन्नई में विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनकी मौजूदगी ने भारत के मानसिक खेलों की प्रगति और रणनीतिक प्रतिभा की भावना को उजागर किया।
इस सफल आयोजन ने न केवल विजेताओं को सम्मानित किया, बल्कि यह दिखाया कि भारत में मानसिक खेलों का भविष्य उज्ज्वल है। SOG फेडरेशन का उद्देश्य है कि देश के हर कोने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच प्रदान कर उन्हें वैश्विक मंच तक पहुँचने का अवसर मिले।
यह आयोजन सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं था, बल्कि भारत के बौद्धिक खेल संस्कृति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।









