Twisha Sharma Case: भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा कदम उठाते हुए रिटायर्ड जज और ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के कुछ घंटों बाद की गई।
सीबीआई की टीम गुरुवार (28 मई) को भारी पुलिस बल के साथ भोपाल के बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित उनके आवास पहुंची। कई घंटों तक पूछताछ के बाद एजेंसी ने गिरिबाला सिंह को हिरासत में लिया। जांच एजेंसी अब घटनास्थल से जुड़े तथ्यों को समझने के लिए वर्चुअल वॉकथ्रू और सीन रीक्रिएशन की तैयारी भी कर रही है।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इनमें शामिल हैं—
- दहेज मृत्यु से संबंधित प्रावधान
- विवाहित महिला के साथ क्रूरता
- संयुक्त आपराधिक दायित्व से जुड़े आरोप
जांच एजेंसी का कहना है कि मामले में जुटाए गए शुरुआती सबूत और मेडिकल रिपोर्ट कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर रहे हैं।
हाईकोर्ट ने क्यों रद्द की अग्रिम जमानत?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करते हुए कहा कि उन्होंने जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया। अदालत में महाधिवक्ता की ओर से दलील दी गई कि आरोपी ने जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया और जांच प्रक्रिया में सहयोग से बचती रहीं।
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में ट्विशा शर्मा के शरीर पर पाई गई सात चोटों का भी उल्लेख किया। अदालत ने माना कि ये सभी चोटें मृत्यु से पहले की थीं, जिन्हें मेडिकल भाषा में “एंटी-मॉर्टम इंजरी” कहा जाता है।
शरीर पर मिले चोटों के निशानों ने बढ़ाए सवाल
महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अदालत में कहा कि पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट में जिन चोटों का जिक्र है, वे शव को नीचे उतारने के दौरान नहीं लग सकतीं। अदालत ने भी टिप्पणी की कि परिस्थितियां किसी संभावित अपराध की ओर संकेत करती हैं।
इसी आधार पर हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत को निरस्त करने का फैसला सुनाया।
क्या है ट्विशा शर्मा मौत मामला?
ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। शुरुआती जानकारी में मामला आत्महत्या का बताया गया था, लेकिन परिवार की शिकायत और लगातार उठते सवालों के बाद जांच का दायरा बढ़ा।
बाद में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। एजेंसी ने 25 मई को दोबारा एफआईआर दर्ज कर समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया।
समर्थ सिंह पहले से CBI हिरासत में
ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह, जो पेशे से वकील बताए जा रहे हैं, पहले से ही सीबीआई की हिरासत में हैं। एजेंसी उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी अब परिवार के अन्य सदस्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और घटनास्थल से जुड़े तकनीकी सबूतों की भी जांच कर रहे हैं।
CBI की जांच पर सबकी नजर
यह मामला मध्य प्रदेश में काफी चर्चा में रहा है और सोशल मीडिया से लेकर कानूनी हलकों तक इस पर लगातार बहस हो रही है। अब गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के बाद जांच और तेज होने की संभावना है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल रिपोर्ट, पारिवारिक विवाद और कथित दहेज प्रताड़ना से जुड़े पहलुओं की गहन जांच इस केस में अहम भूमिका निभाएगी।









