भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा दहेज मृत्यु मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश कर दी है. इस कदम के बाद मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी के दायरे में आने की तैयारी में है.
मृतका के परिजनों ने शुरुआत से ही निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी. परिवार का आरोप था कि मामले में प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी के कारण स्थानीय स्तर पर जांच प्रभावित हो सकती है. उन्होंने यह भी दावा किया कि साक्ष्यों को छिपाने और मामले को कमजोर करने की कोशिश की गई. इसी आधार पर CBI जांच की मांग लगातार की जा रही थी.
राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, यह मामला भोपाल के कटारा हिल्स थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 133/2026 से जुड़ा है. केस भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 3 और 4 के तहत दर्ज किया गया है.
सरकार ने अधिसूचना में कहा है कि मामले की गंभीरता और लगाए गए आरोपों को देखते हुए जांच CBI को सौंपने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत राज्य सरकार ने CBI को मध्य प्रदेश में जांच करने की अनुमति दे दी है.
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि CBI केवल मुख्य अपराध ही नहीं, बल्कि मामले से जुड़े संभावित षड्यंत्र, दुष्प्रेरण और अन्य संबंधित पहलुओं की भी जांच करेगी.
यह भी पढ़ें: राज्यसभा चुनाव 2026: 10 राज्यों की 24 सीटों पर चुनाव का ऐलान
ट्विशा शर्मा के परिजनों का कहना है कि उन्हें अब निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी है और वे चाहते हैं कि मामले में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो. वहीं, इस फैसले के बाद मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी चर्चा के केंद्र में आ गया है।









