बांसुरी स्वराज के पिता, मिजोरम के पूर्व राज्यपाल और देश के प्रख्यात वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल के निधन की खबर से राजनीतिक और न्यायिक बिरादरी शोक में डूब गई है। बुधवार सुबह उनके निधन की सूचना आते ही विभिन्न नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने सोशल मीडिया पर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। स्वराज कौशल पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिवंगत भाजपा नेता सुषमा स्वराज के पति थे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने व्यक्त की संवेदना
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर पोस्ट करते हुए स्वराज कौशल के निधन को “गहरी क्षति” करार दिया। उन्होंने लिखा कि सार्वजनिक जीवन और विधि क्षेत्र में कौशल का योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “राष्ट्र और समाज के प्रति स्वराज कौशल का समर्पण अविस्मरणीय है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति और परिवार को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करें।”

आज शाम अंतिम संस्कार
भाजपा की दिल्ली इकाई ने पुष्टि की कि स्वराज कौशल का अंतिम संस्कार आज 4 दिसंबर 2025 को शाम 4:30 बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर किया जाएगा। पार्टी ने सांसद बांसुरी स्वराज और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
जनरल वीके सिंह और अन्य नेताओं ने भी शोक प्रकट किया
मिजोरम के गवर्नर जनरल वीके सिंह ने कहा कि स्वराज कौशल का निधन अत्यंत दुखद है और इससे उनका मन “विचलित” हो उठा। उन्होंने परिवार के प्रति सहानुभूति जताते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति देने की प्रार्थना की।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कौशल का शांत और विद्वतापूर्ण व्यक्तित्व जनसेवा की मिसाल रहा। उन्होंने परिवार को इस कठिन समय में धैर्य प्रदान करने की कामना की।
कौन थे स्वराज कौशल?
स्वराज कौशल देश के प्रतिष्ठित कानूनी विशेषज्ञों में गिने जाते थे। वे मिजोरम के राज्यपाल रहे, राज्यसभा सांसद भी रहे और लंबे समय तक सुप्रीम कोर्ट व अन्य उच्च न्यायालयों में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में सक्रिय रहे। सुषमा स्वराज के साथ उनकी जोड़ी भारतीय राजनीति और सार्वजनिक जीवन में एक प्रेरक उदाहरण मानी जाती रही है।
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स्वराज कौशल के निधन से देश ने एक अनुभवी विधि विशेषज्ञ और विनम्र सार्वजनिक सेवक को खो दिया है। उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।









