पटना नगर निगम ने शहर की स्वच्छता को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। खुले में पेशाब करने और पान-गुटखा खाकर सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम के इस फैसले के बाद शहर में लोगों के बीच सतर्कता साफ दिखाई देने लगी है।
नियम तोड़ने वालों को बताया जाएगा ‘नगर शत्रु’
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जो लोग सड़कों, दीवारों या किसी भी सार्वजनिक जगह पर पेशाब या थूकते हुए पकड़े जाएंगे, उन्हें “नगर शत्रु” की श्रेणी में रखा जाएगा। इतना ही नहीं, ऐसे लोगों की तस्वीरें शहर में लगे वैरिएबल मैसेज डिस्प्ले (VMD) स्क्रीन पर दिखाई जाएंगी, ताकि समाज के सामने उनकी पहचान उजागर हो और अन्य लोग भी इससे सबक लें।
500 रुपये जुर्माना और सार्वजनिक पहचान
इस अभियान के तहत दोषियों से मौके पर ही 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा। नगर निगम का मानना है कि केवल आर्थिक दंड काफी नहीं है, बल्कि सार्वजनिक पहचान भी लोगों को गंदगी फैलाने से रोकने में प्रभावी भूमिका निभाएगी। अधिकारियों का कहना है कि पटना को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी हो गया था।
कार्रवाई के दौरान दिखा असर
जब नगर निगम की टीम शहर के विभिन्न इलाकों में जांच के लिए निकली, तो कई जगह अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। टीम को देखते ही लोग भागते नजर आए, कुछ ने चेहरा छिपाने की कोशिश की, तो कुछ हाथ जोड़कर माफी मांगते दिखे। इस दौरान कई लोगों से मौके पर ही जुर्माना भी वसूला गया।
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स्वच्छ पटना की अपील
नगर निगम ने साफ किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करें, शहर को साफ रखें और दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। निगम का कहना है कि स्वच्छ पटना की जिम्मेदारी सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की भी है।









