बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मिली, जब मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
मोकामा में अस्पताल बनाने की मांग
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अनंत सिंह ने बताया कि उन्होंने मोकामा में एक बेहतर अस्पताल स्थापित करने की मांग रखी है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए अक्सर पटना जाना पड़ता है, जो हर किसी के लिए संभव नहीं होता।
उन्होंने कहा कि यदि मोकामा में एक अच्छा अस्पताल बन जाता है, तो स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भी इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वासन दिया है कि इस दिशा में काम किया जाएगा।
निशांत कुमार को लेकर भी दी प्रतिक्रिया
राजनीतिक चर्चा के दौरान अनंत सिंह ने निशांत कुमार को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि निशांत अभी सीखने के दौर में हैं, लेकिन अगर वे राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते तो बेहतर होता।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर निशांत राजनीति में आते, तो उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग किया जाता। साथ ही, अनंत सिंह ने दोहराया कि वे भविष्य में चुनाव नहीं लड़ना चाहते, हालांकि उनके बेटे की राजनीति में एंट्री हो चुकी है।
नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना
अनंत सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि बिहार में जो विकास हुआ है, वह उनके नेतृत्व में ही संभव हो पाया।
वहीं, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास कोई खास उपलब्धि नहीं है और उनका नाम केवल परिवार की वजह से जाना जाता है।
शराबबंदी कानून पर उठाए सवाल
शराबबंदी को लेकर भी अनंत सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब इस कानून पर पुनर्विचार होना चाहिए।
उनका तर्क है कि प्रतिबंध के बावजूद लोग चोरी-छिपे शराब का सेवन कर रहे हैं, जिससे अवैध और खतरनाक नशे का चलन बढ़ रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार शराब की बिक्री को नियंत्रित तरीके से फिर शुरू करे और सार्वजनिक स्थानों पर सेवन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
यह भी पढ़ें: T20 वर्ल्ड कप में मैच फिक्सिंग, ICC ने शुरू की जांच
आगे की राजनीति पर संकेत
अनंत सिंह के इन बयानों को बिहार की राजनीति में नए समीकरणों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अस्पताल की मांग से लेकर शराबबंदी और राजनीतिक उत्तराधिकार जैसे मुद्दों पर उनकी स्पष्ट राय ने बहस को और तेज कर दिया है।









