भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से अलग होने का अपना फैसला आखिरकार पक्का कर दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद के साथ बीजेपी की सक्रिय प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। पूनावाला ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन को पत्र भेजकर अपने इस्तीफे को स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
खास बात यह है कि पूनावाला ने इससे पहले 30 जुलाई 2026 को भी इस्तीफा देने की पेशकश की थी। उस समय पार्टी नेतृत्व ने उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार नहीं किया और उन्हें अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कहा था। अब करीब ढाई सप्ताह बाद उन्होंने दोबारा पत्र भेजते हुए स्पष्ट किया है कि काफी विचार-विमर्श के बाद उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया है।
शहजाद पूनावाला ने इस्तीफे की क्या वजह बताई?
पूनावाला ने अपने पत्र में इस्तीफे के पीछे आर्थिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों का हवाला दिया है। उन्होंने बताया कि वह अब निजी क्षेत्र में जाने का फैसला कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी व्यक्तिगत परिस्थितियों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की ओर से उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार नहीं किया जाना उनके लिए भावुक क्षण था। नेतृत्व ने उन्हें रुकने और फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए कहा, लेकिन लंबे विचार-विमर्श और गंभीर मनन के बाद उन्होंने अपने पहले निर्णय को अंतिम रूप देने का फैसला किया।
‘पार्टी की व्यवस्था छोड़ रहा हूं, विचार नहीं’
अपने इस्तीफे में पूनावाला ने बीजेपी और वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और संगठन महामंत्री बीएल संतोष समेत पार्टी नेतृत्व को धन्यवाद दिया।
पूनावाला ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी की सक्रिय राजनीति और संगठनात्मक जिम्मेदारियों से दूर होने के बावजूद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के दृष्टिकोण एवं कार्यों का समर्थन करते रहेंगे। उनका संदेश यह था कि वह संगठन से अलग हो रहे हैं, लेकिन अपने विचारों से नहीं।
टीवी डिबेट में बीजेपी का प्रमुख चेहरा रहे पूनावाला
शहजाद पूनावाला बीजेपी के उन प्रवक्ताओं में शामिल रहे हैं जो टीवी डिबेट और राजनीतिक बहसों में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते थे। पिछले वर्षों में वह राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी के प्रमुख मीडिया चेहरों में नजर आए।
इस्तीफे से पहले उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल में भी बीजेपी से जुड़े विवरण हटाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हुई थीं। बाद में उन्होंने 30 जुलाई को पहली बार इस्तीफे की पेशकश की थी।
कांग्रेस से बीजेपी तक ऐसा रहा राजनीतिक सफर
शहजाद पूनावाला ने वर्ष 2017 में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का रुख किया था। कांग्रेस में रहते हुए वह पार्टी की आंतरिक राजनीति को लेकर मुखर रहे थे। इसके बाद बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के तौर पर अपनी पहचान बनाई। पूनावाला ने कई वर्षों तक टीवी डिबेट, मीडिया बातचीत और राजनीतिक मुद्दों पर बीजेपी का पक्ष रखा। यही वजह है कि उनका पार्टी से अलग होना बीजेपी के मीडिया और प्रवक्ता तंत्र में एक उल्लेखनीय बदलाव माना जा रहा है।
अब आगे क्या करेंगे शहजाद पूनावाला?
पूनावाला ने संकेत दिया है कि वह अब निजी क्षेत्र में प्रवेश करेंगे। हालांकि उन्होंने अपनी नई भूमिका या किसी कंपनी का नाम सार्वजनिक नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा है कि भविष्य में जिस भी रूप में संभव होगा, वह प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी के दृष्टिकोण एवं कार्यों का समर्थन करते रहेंगे।
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फिलहाल उनके इस्तीफे पर बीजेपी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब नजर इस बात पर होगी कि पार्टी नेतृत्व उनके इस्तीफे को औपचारिक रूप से किस तरह स्वीकार करता है।









