PM Awas Yojana: प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने पात्रता नियमों में अहम बदलावों का ऐलान किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान के बारां में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बताया कि अब कुछ ऐसे परिवार भी योजना का लाभ ले सकेंगे, जो पहले निर्धारित शर्तों के कारण इससे बाहर रह जाते थे।
नए बदलावों के तहत दोपहिया वाहन रखने वाले परिवार, 15 हजार रुपये तक मासिक आय वाली महिलाएं और निर्धारित सीमा तक कृषि भूमि रखने वाले छोटे किसान भी पक्के मकान के लिए सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को राजस्थान के लिए 2,89,355 आवासों की स्वीकृति और करीब 3,473 करोड़ रुपये की परियोजना से संबंधित पत्र सौंपा। इसके अलावा कृषि उन्नति और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (पीएम-आरकेवीवाई) के लिए 340.59 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति भी दी गई।
PM Awas Yojana के नियमों में क्या बदला?
केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीण आवास योजना की पात्रता को लेकर तीन महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी दी।
1. दोपहिया वाहन रखने वालों को भी मिलेगा आवास
अब केवल दोपहिया वाहन होने की वजह से परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से बाहर नहीं किया जाएगा। पहले दोपहिया वाहन रखने वाले परिवारों के लिए पात्रता को लेकर प्रतिबंध था। इस बदलाव से ऐसे गरीब ग्रामीण परिवारों को योजना के दायरे में आने का रास्ता खुल सकता है।
2. आय सीमा बढ़ाकर 15 हजार रुपये
योजना के तहत महिला लाभार्थियों के लिए आय से संबंधित पात्रता सीमा में भी बदलाव किया गया है। अब 15,000 रुपये प्रति माह तक की आय वाली पात्र महिलाओं को भी आवास योजना का लाभ मिल सकेगा। पहले यह सीमा 10,000 रुपये मासिक थी।
3. छोटे किसानों को भी मिलेगा फायदा
कृषि भूमि रखने वाले छोटे किसानों के लिए भी पात्रता में बदलाव की घोषणा की गई है। निर्धारित शर्तों के तहत 5 एकड़ तक असिंचित या 2.5 एकड़ तक सिंचित भूमि रखने वाले किसान परिवार भी आवास सहायता के पात्र हो सकेंगे।
इस बदलाव का उद्देश्य ऐसे ग्रामीण परिवारों को आवास योजना से जोड़ना है, जिनके पास थोड़ी कृषि भूमि होने के कारण पहले पात्रता में दिक्कत आती थी।
राजस्थान में करीब 2.89 लाख नए घरों को मंजूरी
बारां में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान के लिए 2,89,355 ग्रामीण आवासों को मंजूरी दी गई। इन आवासों पर लगभग 3,473 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का अभियान आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन घरों से उन परिवारों को राहत मिलेगी, जो अभी भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।
29 लाख से ज्यादा नए लाभार्थियों का सर्वे
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक राजस्थान में 29,13,749 नए संभावित लाभार्थियों का सर्वे किया जा चुका है। फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र पाए जाने वाले परिवारों को आवास आवंटित किए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला और पंचायत स्तर पर लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाए। साथ ही लोगों की आपत्तियां सुनी जाएं, ताकि किसी पात्र परिवार का नाम गलती से सूची से बाहर न हो।
राजस्थान में लखपति दीदी का लक्ष्य होगा दोगुना
कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि राजस्थान में अब तक करीब 16 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
उन्होंने इस संख्या को बढ़ाकर 32 लाख करने का लक्ष्य बताया। उनके अनुसार महिलाओं को उद्यम और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न बैंकों के माध्यम से अब तक करीब 13,400 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
गांवों के विकास के लिए पंचायत स्तर पर योजना पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने विकसित भारत-जी राम जी योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि राजस्थान में अगले नौ महीनों के दौरान करीब 12,000 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की प्राथमिकताएं स्थानीय स्तर पर तय होनी चाहिए। उनके मुताबिक गांवों के विकास से जुड़े काम केवल दिल्ली या जयपुर में तय नहीं होंगे, बल्कि पंचायत स्तर पर स्थानीय लोगों की जरूरतों के अनुसार योजनाएं बनाई जाएंगी।
किसानों को सस्ता यूरिया देने का दावा
कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने यूरिया की कीमत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत अधिक होने के बावजूद सरकार किसानों पर इसका अतिरिक्त बोझ नहीं डाल रही है।
उन्होंने बताया कि करीब 3,000 रुपये लागत वाली यूरिया की बोरी किसानों को 266 रुपये में उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। साथ ही यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
नकली बीज और कीटनाशकों पर सख्त कानून की तैयारी
किसानों को नकली कृषि इनपुट से बचाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने कानूनों को और मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा कि नकली कीटनाशक और घटिया बीजों के खिलाफ मौजूदा कानूनी प्रावधान पर्याप्त नहीं हैं।
उन्होंने संसद के आगामी सत्र में पेस्टिसाइड और सीड एक्ट से संबंधित अधिक कड़े प्रावधान लाने की बात कही, ताकि किसानों को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
कोटा-झालावाड़ के लिए बनेगा कृषि रोडमैप
शिवराज सिंह चौहान ने कोटा-झालावाड़ क्षेत्र के लिए कृषि क्षेत्र का व्यापक रोडमैप तैयार करने की भी बात कही। इसमें वैज्ञानिकों और स्थानीय किसानों की भागीदारी के साथ नई फसलों, कृषि प्रसंस्करण, मार्केटिंग और निर्यात को बढ़ावा देने पर काम किया जाएगा।
इसका उद्देश्य खेती से लेकर बाजार और वैश्विक निर्यात तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करना है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल सके।
‘वंदे मातरम’ को बताया राष्ट्रभक्ति का प्रतीक
अपने संबोधन में शिवराज सिंह चौहान ने वंदे मातरम को भारत की स्वतंत्रता, बलिदान और राष्ट्रभक्ति से जुड़ा प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि इसका सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है।
यह भी पढ़ें: Gold-Silver Rate Today: सोने की कीमतों में फिर तेजी, जानें आज का रेट
केंद्रीय मंत्री ने लोगों से सामाजिक जिम्मेदारियों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान भी किया। उन्होंने पेड़ लगाने, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और नशामुक्ति जैसे अभियानों में सहयोग करने की अपील की।









