हरियाणा के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की आत्महत्या का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि तेलंगाना से भी एक अधिकारी के सुसाइड की खबर ने सबको स्तब्ध कर दिया है। तेलंगाना के सूर्यापेट ज़िले में स्पेशल ब्रांच यूनिट में तैनात एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) ने शनिवार दोपहर अपने घर पर आत्महत्या कर ली।
पुलिस के अनुसार, एएसआई सत्यनारायण (54) ने अपने निवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया गया कि वह पिछले एक साल से हुए एक हादसे के बाद लगातार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे।
सूर्यापेट रूरल पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर ने कहा, ‘प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि वह अपनी स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर मानसिक रूप से परेशान थे। मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।’ अधिकारियों ने कहा कि उनकी मौत की सटीक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है।
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हरियाणा में भी हुआ था यही मामला
यह घटना कुछ दिनों बाद हुई जब हरियाणा में भी एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, वाई पूरन कुमार, ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी।
वाई पूरन कुमार (52), जो 2001 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी थे, 7 अक्टूबर को अपने सेक्टर 11 स्थित घर के बेसमेंट के कमरे में मृत पाए गए थे।
कुमार द्वारा छोड़े गए कथित सुसाइड नोट में उन्होंने आठ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों पर उत्पीड़न और बदनाम करने का आरोप लगाया था, जिनमें हरियाणा के डीजीपी कपूर और तत्कालीन रोहतक एसपी नरेंद्र बिजारनिया के नाम शामिल थे। नोट में उन्होंने कुछ अधिकारियों द्वारा जातिगत भेदभाव सहित उत्पीड़न की घटनाओं का भी उल्लेख किया था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की आत्महत्या के बाद उठे विवाद के बीच हरियाणा सरकार ने रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारनिया को हटा दिया, जिन पर कुमार की पत्नी ने आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया था।
इस बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने मामले की “शीघ्र, निष्पक्ष और विस्तृत जांच” के लिए आईजी पुष्पेंद्र कुमार की अगुवाई में छह सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है।









