इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को दिल्ली पुलिस ने कथित ‘शर्टलेस प्रोटेस्ट’ मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पिछले सप्ताह भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ी बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने तड़के करीब 4:30 बजे हिरासत में लेने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया और अदालत में पेश किया।
7 दिन की पुलिस कस्टडी की मांग
दिल्ली पुलिस ने अदालत से 7 दिन की पुलिस रिमांड की मांग की है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस प्रदर्शन की योजना सुनियोजित थी और इसमें लॉजिस्टिक सपोर्ट उपलब्ध कराया गया। पुलिस का कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, इसलिए जांच के सिलसिले में कई स्थानों पर ले जाना जरूरी है।
वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस कस्टडी का विरोध करते हुए कहा कि उदय भानु चिब ने जांच में सहयोग किया है। वकील का तर्क है कि केवल कुछ वस्तुओं की बरामदगी के लिए गिरफ्तारी और कस्टडी की मांग उचित नहीं है।
पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने उदय भानु चिब को तिलक मार्ग थाने में पूछताछ के लिए बुलाया था। लंबी पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि प्रदर्शन की रूपरेखा और समन्वय से जुड़े अहम तथ्य उनके पास थे।
जांच के दौरान पुलिस ने उनसे कई सवाल पूछे, जिनमें शामिल हैं:
- क्या AI समिट में हुए प्रदर्शन की पूर्व जानकारी थी?
- क्या प्रदर्शन की योजना उनके निर्देश पर बनाई गई?
- किन-किन लोगों ने योजना में भाग लिया?
- प्रदर्शनकारियों के लिए परिवहन और अन्य व्यवस्थाएं कैसे की गईं?
- प्रदर्शन के लिए सामग्री और संसाधन कहां से जुटाए गए?
पुलिस का आरोप है कि पूछताछ में संतोषजनक सहयोग नहीं मिला। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक बयान अभी जारी नहीं हुआ है।
8 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
AI समिट के दौरान हुए इस विरोध प्रदर्शन में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रदर्शनकारियों ने बिना शर्ट पहने सरकार की नीतियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर नारेबाजी की थी। पुलिस ने इस घटना को सार्वजनिक शांति भंग करने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि युवाओं की बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार जवाब देने में असफल रही है। उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन युवाओं की निराशा का परिणाम था। उन्होंने इसे छोटा और प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताते हुए कहा कि लाखों बेरोजगार युवाओं की आवाज उठाने के लिए यह कदम उठाया गया।
‘बड़ी साजिश’ की जांच
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां इस मामले में किसी व्यापक साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहीं। पुलिस का मानना है कि प्रदर्शन के पीछे संगठित रणनीति हो सकती है और इसमें संगठन के शीर्ष स्तर की भूमिका की जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें: अमेरिका ने लागू किया 10% ग्लोबल टैरिफ, भारत समेत कई देशों पर असर
फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है और पुलिस की रिमांड याचिका पर सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। इस गिरफ्तारी ने राजनीतिक हलकों में हलचल तेज कर दी है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और खुलासे हो सकते हैं।









