महाराष्ट्र के पुणे जिले में गुरुवार को बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। ‘दादा’ के नाम से मशहूर अजित पवार को हजारों समर्थकों और नेताओं की मौजूदगी में पंचतत्व में विलीन किया गया। इस दौरान “अजित दादा अमर रहे” के नारों से माहौल गूंज उठा। उनके पुत्र जय पवार और पार्थ पवार ने मुखाग्नि दी।
अजित पवार का निधन बुधवार को हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में हुआ था। बारामती हवाई अड्डे के पास लैंडिंग के दौरान एक चार्टर्ड विमान रनवे से महज 200 मीटर की दूरी पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें कुल पांच लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब विमान दूसरी बार लैंडिंग का प्रयास कर रहा था।
बड़े नेताओं की मौजूदगी, राजनीतिक गलियारों में शोक
अंतिम संस्कार में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मनसे प्रमुख राज ठाकरे, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। सभी नेताओं ने अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया।
66 वर्षीय अजित पवार के निधन से न केवल महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार को बड़ा झटका लगा है, बल्कि उनकी अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भविष्य को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। छह बार उपमुख्यमंत्री रह चुके अजित पवार को एक मजबूत जनाधार और प्रभावशाली नेता के तौर पर जाना जाता था।
शरद पवार का बयान, राजनीतिक रंग न देने की अपील
एनसीपी के संस्थापक और अजित पवार के चाचा शरद पवार ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना थी और इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखा जाना चाहिए।
ब्लैक बॉक्स से खुलेगा हादसे का राज
हादसे के कारणों की जांच के लिए विमान से बरामद किए जाने वाले ‘ब्लैक बॉक्स’ का विश्लेषण किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, ‘वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा संचालित 16 साल पुराना चार्टर्ड विमान ‘लियरजेट’ दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे बारामती
अजित पवार जिला परिषद चुनाव के प्रचार के सिलसिले में मुंबई से बारामती आ रहे थे। इस हादसे में अनुभवी पायलट कैप्टन सुमित कपूर (15,000 घंटे का उड़ान अनुभव), सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक (1,500 घंटे का अनुभव), निजी सुरक्षा अधिकारी विधिप जाधव और विमान परिचारिका पिंकी माली की भी जान चली गई।
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परिवार और अधूरा सपना
अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटे जय व पार्थ पवार को छोड़ गए हैं। उनके निधन से न सिर्फ महाराष्ट्र, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। कई नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से यह कहा था कि अजित पवार एक दिन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री जरूर बनेंगे, लेकिन उनका यह सपना अधूरा ही रह गया। अजित पवार का जाना महाराष्ट्र की राजनीति के एक प्रभावशाली अध्याय का अंत माना जा रहा है।









