भारतीय क्रिकेट टीम में गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद प्रदर्शन को लेकर लगातार चर्चा और विवाद बना हुआ है। उनके कार्यकाल में टीम इंडिया ने जहां कुछ ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जो पहले कभी नहीं देखे गए थे, वहीं कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी हासिल कीं। यही वजह है कि गंभीर की कोचिंग को लेकर राय दो हिस्सों में बंटी नजर आती है।
गंभीर के दौर में भारत को घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में करारी शिकस्त झेलनी पड़ी, जिसमें टीम का सूपड़ा साफ हो गया। इसके अलावा घरेलू टेस्ट क्रिकेट में भारत का अब तक का सबसे कम स्कोर 46 रन, टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी हार (408 रन) और 27 साल बाद श्रीलंका से वनडे सीरीज गंवाने जैसे नकारात्मक रिकॉर्ड भी इसी अवधि में दर्ज हुए। इन नतीजों के बाद आलोचकों ने गंभीर को लगातार निशाने पर लिया और कुछ लोगों ने उन्हें कोच पद से हटाने तक की मांग कर डाली।
हालांकि, तस्वीर का दूसरा पहलू भी उतना ही मजबूत है। गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम ने एशिया कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट जीतकर इतिहास रचा। बावजूद इसके, हर हार के बाद सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों तक, कोचिंग सेटअप पर सवाल उठते रहे। कुछ वर्गों ने टेस्ट क्रिकेट के लिए अलग कोच नियुक्त करने की भी वकालत की।
इसी बीच ऐसी खबरें सामने आईं कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद गौतम गंभीर के भविष्य पर बीसीसीआई विचार कर सकता है। इन अटकलों पर अब बोर्ड ने स्पष्ट रुख अपनाया है। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने इन सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है।
स्पोर्टस्टार को दिए इंटरव्यू में देवजीत सैकिया ने कहा कि आलोचना करना लोगों का अधिकार है, लेकिन फैसले भावनाओं के आधार पर नहीं लिए जाते। उन्होंने कहा, “140 करोड़ की आबादी वाले देश में हर कोई खुद को क्रिकेट का जानकार समझता है। हर किसी की अपनी राय होती है। यह एक लोकतांत्रिक देश है, जहां मीडिया, पूर्व क्रिकेटर और आम लोग खुलकर अपनी बात रखते हैं।”
बीसीसीआई सचिव ने आगे स्पष्ट किया कि बोर्ड के पास फैसले लेने के लिए एक मजबूत और अनुभवी सिस्टम मौजूद है। “हमारे पास पूर्व क्रिकेटरों की एक समर्पित क्रिकेट समिति है। चयन के लिए पांच योग्य चयनकर्ता हैं और कोच या टीम से जुड़े सभी अहम निर्णय इन्हीं समितियों द्वारा लिए जाते हैं,” उन्होंने कहा।
इससे पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने भी गंभीर के भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया था। उनका मानना था कि अगर भारतीय टीम 2026 का टी20 वर्ल्ड कप जीतने में नाकाम रहती है, तो बोर्ड को कोच को हटाने जैसा कठिन फैसला लेना चाहिए।
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गौरतलब है कि अगला टी20 वर्ल्ड कप 7 फरवरी 2027 से शुरू होगा, जिसकी मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से करेंगे। इस टूर्नामेंट में 20 टीमें हिस्सा लेंगी, जिन्हें चार ग्रुप में बांटा जाएगा। ऐसे में आने वाले बड़े टूर्नामेंट न सिर्फ टीम इंडिया के लिए, बल्कि गौतम गंभीर के कोचिंग भविष्य के लिहाज से भी बेहद अहम माने जा रहे हैं।









