Bankipur Bypoll 2026: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन पत्र जांच के दौरान अमान्य घोषित कर दिया गया। निर्वाचन अधिकारियों ने नामांकन पत्र में तकनीकी त्रुटि पाए जाने के बाद यह फैसला लिया।
नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने इसे साजिश करार दिया और संकेत दिए कि इस फैसले को अदालत में चुनौती दी जाएगी।
क्यों रद्द हुआ वीणा मानवी का नामांकन?
निर्वाचन प्रक्रिया के तहत किसी भी प्रत्याशी के नामांकन पत्र पर 10 प्रस्तावकों (प्रपोजर) के हस्ताक्षर होना अनिवार्य होता है। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि वीणा मानवी के नामांकन पत्र में केवल 9 प्रस्तावकों के हस्ताक्षर मौजूद थे।
निर्धारित नियमों का पालन नहीं होने के कारण निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन पत्र निरस्त कर दिया।
तेज प्रताप यादव ने क्या कहा?
नामांकन रद्द होने के बाद तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी पार्टी की उम्मीदवार के साथ अन्याय हुआ है और पूरा मामला एक षड्यंत्र का हिस्सा प्रतीत होता है।
हालांकि उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तार से टिप्पणी नहीं की, लेकिन स्पष्ट किया कि पार्टी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
नामांकन के दिन भी हुआ था विवाद
वीणा मानवी का नामांकन शुरू से ही चर्चा में रहा। नामांकन दाखिल करने के दौरान परिसर में काफी देर तक हंगामा और तनाव का माहौल बना रहा।
प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था, जिससे यह मामला पहले ही राजनीतिक सुर्खियों में आ चुका था। अब नामांकन रद्द होने के बाद यह विवाद और गहरा गया है।
बांकीपुर उपचुनाव में बदले राजनीतिक समीकरण
वीणा मानवी का नामांकन निरस्त होने से जनशक्ति जनता दल को चुनावी रणनीति के स्तर पर बड़ा झटका माना जा रहा है। यदि कानूनी प्रक्रिया से राहत नहीं मिलती है, तो पार्टी इस सीट पर अपना उम्मीदवार उतारने का अवसर खो सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के चुनावी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
चुनाव आयोग के नियम क्या कहते हैं?
भारतीय निर्वाचन नियमों के अनुसार, यदि किसी उम्मीदवार के नामांकन पत्र में आवश्यक दस्तावेज, निर्धारित संख्या में प्रस्तावकों के हस्ताक्षर या अन्य अनिवार्य औपचारिकताएं पूरी नहीं होती हैं, तो निर्वाचन अधिकारी को नामांकन निरस्त करने का अधिकार होता है।
इसी प्रक्रिया के तहत जांच के दौरान सामने आई तकनीकी कमी के आधार पर वीणा मानवी का नामांकन अमान्य घोषित किया गया।
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अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या जनशक्ति जनता दल इस फैसले के खिलाफ अदालत का रुख करती है और क्या उसे कोई कानूनी राहत मिलती है। फिलहाल बांकीपुर उपचुनाव में यह घटनाक्रम चुनावी माहौल का सबसे चर्चित मुद्दा बन गया है।








