Datia By-Election 2026: मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) गंभीर अंदरूनी संकट का सामना कर रही है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर युवा नेता आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर विरोध तेज हो गया है।
कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया, जबकि कई स्थानीय पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफे की घोषणा कर दी है। इस घटनाक्रम ने उपचुनाव से पहले दतिया की सियासत को गरमा दिया है।
टिकट बदलने के फैसले पर फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा
बीजेपी द्वारा उम्मीदवार बदलने के फैसले के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने खुलकर विरोध शुरू कर दिया। देर रात दतिया नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया गया, जिससे कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पार्टी ने लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे कार्यकर्ताओं की अनदेखी की है। समर्थकों ने आशुतोष तिवारी की उम्मीदवारी का विरोध करते हुए नरोत्तम मिश्रा को दोबारा प्रत्याशी बनाने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई पर विवाद
प्रदर्शन को हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बल प्रयोग किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और कई कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार किया।
समर्थकों का दावा है कि कार्रवाई में 50 से अधिक कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। दूसरी ओर प्रशासन ने इन आरोपों पर अलग पक्ष रखा है।
प्रशासन ने क्या कहा?
दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े के अनुसार, हाईवे पर लंबे समय तक जाम रहने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि करीब 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया था और महिलाओं, बच्चों व यात्रियों से भरी बसें घंटों फंसी रहीं।
डीएम के मुताबिक प्रशासन ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बिगड़ने पर पत्थरबाजी हुई, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाठीचार्ज नहीं किया गया और कई पुलिसकर्मी भी इस दौरान घायल हुए।
बीजेपी जिलाध्यक्ष समेत कई पदाधिकारियों का सामूहिक इस्तीफा
विवाद उस समय और गहरा गया जब बीजेपी के दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाहा ने कई पदाधिकारियों के साथ सामूहिक इस्तीफे का ऐलान कर दिया।
उन्होंने पार्टी नेतृत्व को भेजे पत्र में आरोप लगाया कि उम्मीदवार चयन का फैसला एकतरफा लिया गया और स्थानीय संगठन की राय को महत्व नहीं दिया गया। उनके अनुसार जिला संगठन, कई मंडल अध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों और बूथ स्तर के पदाधिकारियों ने भी विरोध दर्ज कराया है।
24 घंटे में फैसला बदलने की मांग
रघुवीर सिंह कुशवाहा ने पार्टी नेतृत्व से मांग की है कि नरोत्तम मिश्रा को दोबारा उम्मीदवार बनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में निर्णय नहीं बदला गया तो वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे सकते हैं।
इस बयान के बाद दतिया में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गई हैं तथा पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं।
उपचुनाव से पहले बीजेपी के सामने दोहरी चुनौती
दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले बीजेपी के सामने अब दो बड़ी चुनौतियां दिखाई दे रही हैं। पहली चुनौती विपक्ष के खिलाफ चुनावी मुकाबला है, जबकि दूसरी चुनौती संगठन के भीतर बढ़ते असंतोष को नियंत्रित करना है।
यदि स्थानीय स्तर पर विरोध जारी रहता है तो इसका असर चुनावी रणनीति और बूथ स्तर के संगठन पर भी पड़ सकता है। अब सभी की नजर पार्टी नेतृत्व पर है कि वह मौजूदा स्थिति को संभालने के लिए क्या कदम उठाता है और क्या उम्मीदवार को लेकर कोई नया फैसला लिया जाता है।









