Gujarat Ayurveda University Paper Leak News: देश में प्रतियोगी और विश्वविद्यालय परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच गुजरात से भी एक कथित पेपर लीक का मामला सामने आया है। गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की तीसरे वर्ष की ‘शल्य तंत्र-1 (Surgery)’ परीक्षा का प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वायरल संदेश में मौजूद अधिकांश प्रश्न परीक्षा में पूछे गए सवालों से मेल खाते हैं। मामले के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और निष्पक्ष जांच के लिए विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि तीसरे वर्ष के शल्य तंत्र-1 (सर्जरी) विषय की परीक्षा से पहले सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर “Important Topics” नाम से एक संदेश वायरल हुआ था। परीक्षा संपन्न होने के बाद यह दावा किया गया कि प्रश्नपत्र में पूछे गए 12 प्रश्नों में से 11 प्रश्न वायरल सामग्री से मिलते-जुलते थे।
हालांकि, विश्वविद्यालय ने अभी तक आधिकारिक रूप से पेपर लीक की पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की जांच जारी है।
प्रोफेसर ने क्या कहा?
जूनागढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज के प्रोफेसर और यूनिवर्सिटी स्क्वॉड के सदस्य डॉ. अल्पेश जरसानिया ने बताया कि उन्हें परीक्षा निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी। निरीक्षण के दौरान कॉलेज के एक फैकल्टी सदस्य ने उनका ध्यान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे प्रश्नों की ओर दिलाया।
उन्होंने कहा कि सूचना मिलने के बाद उन्होंने तुरंत वायरल सामग्री का प्रारंभिक सत्यापन किया और मामले की जानकारी विश्वविद्यालय के कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन को दे दी।
डॉ. जरसानिया के अनुसार, शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हुआ कि प्रश्नपत्र के अधिकांश सवाल वायरल संदेश से मेल खाते हैं। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष विषय विशेषज्ञों और विश्वविद्यालय की विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
1200 छात्रों ने दी थी परीक्षा
गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी के कार्यवाहक परीक्षा निदेशक एच. पी. झाला ने बताया कि इस परीक्षा में राज्य के 26 कॉलेजों के लगभग 1200 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
उन्होंने कहा कि परीक्षा निर्धारित समय पर संपन्न हुई थी और बाद में सोशल मीडिया पर वायरल सामग्री की जानकारी विश्वविद्यालय को मिली। यदि जांच में पेपर लीक के पर्याप्त तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के लिए गठित होगी विशेष समिति
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष जांच समिति (Special Investigation Committee) बनाई जाएगी।
यह समिति निम्न बिंदुओं की जांच करेगी—
- सोशल मीडिया पर वायरल संदेश की सत्यता
- वायरल सामग्री और वास्तविक प्रश्नपत्र के बीच समानता
- प्रश्नपत्र की सुरक्षा प्रक्रिया
- संभावित लापरवाही या अनियमितता
- जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विश्वविद्यालय आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगा।
पेपर लीक की पुष्टि अभी नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। विश्वविद्यालय ने केवल जांच शुरू होने की जानकारी दी है। अंतिम निष्कर्ष जांच समिति की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा।
परीक्षा प्रणाली पर फिर उठे सवाल
हाल के समय में विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोपों के बीच गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी का यह मामला भी चर्चा का विषय बन गया है। यदि जांच में वायरल प्रश्न और वास्तविक प्रश्नपत्र के बीच समानता की पुष्टि होती है, तो यह परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
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गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की शल्य तंत्र-1 परीक्षा से जुड़ा कथित पेपर लीक मामला फिलहाल जांच के दायरे में है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विशेष समिति गठित कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। अब छात्रों और शिक्षकों की नजर इस बात पर है कि जांच रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।








