राजस्थान के तिजारा नगर परिषद चेयरमैन चुनाव 2026 से कुछ घंटे पहले हरियाणा के पंचकूला में सियासी हलचल तेज हो गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश से राजस्थान लौट रहे उसके समर्थन वाले करीब 18 पार्षदों को चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास रोक दिया गया। घटना के बाद कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने पिंजौर थाने के बाहर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
हालांकि, इस मामले में पंचकूला पुलिस का पक्ष कांग्रेस के आरोप से अलग है। पुलिस ने पार्षदों को हिरासत में लेने के आरोप से इनकार किया है। एसीपी राम कुमार के मुताबिक, पार्षदों के अंबाला या शाहबाद की तरफ होने की सूचना मिली थी और उनकी सही लोकेशन का पता लगाया जा रहा था। पुलिस ने कहा कि इस मामले में उसकी भूमिका नहीं है।
तिजारा चेयरमैन चुनाव से पहले क्यों मचा बवाल?
तिजारा नगर परिषद में चेयरमैन पद के लिए सोमवार को मतदान होना है। इसी मतदान से ठीक पहले कांग्रेस समर्थित पार्षदों के रोके जाने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हुआ।
कांग्रेस नेताओं का दावा है कि पार्षद हिमाचल प्रदेश से राजस्थान लौट रहे थे। इसी दौरान रविवार रात चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास उनकी बस और अन्य वाहनों को रोक लिया गया। इसके बाद उन्हें पुलिस चौकी/थाने ले जाए जाने का आरोप लगाया गया।
थाने के बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन
घटना की जानकारी मिलने के बाद राजस्थान से कांग्रेस नेता और पार्षदों के समर्थक पंचकूला पहुंचे। उन्होंने पिंजौर थाने के बाहर धरना दिया और पुलिस से पार्षदों को रोके जाने का आधार तथा उनकी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी के नेतृत्व में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने लगाया चुनाव प्रभावित करने का आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि तिजारा नगर परिषद के चेयरमैन चुनाव से ठीक पहले पार्षदों को रोकना चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। उनका कहना है कि यदि पार्षद मतदान के लिए समय पर तिजारा नहीं पहुंच पाते हैं तो इसका असर चुनावी समीकरण पर पड़ सकता है।
हालांकि, यह कांग्रेस का आरोप है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने भी पार्षदों को हिरासत में लेने की बात से इनकार किया है।
पुलिस ने क्या कहा?
पंचकूला पुलिस के अनुसार, पार्षदों को हिरासत में लेने की बात सही नहीं है। पुलिस ने बताया कि उन्हें पार्षदों के अंबाला या शाहबाद की दिशा में होने की सूचना मिली थी और उनकी वास्तविक लोकेशन का पता लगाया जा रहा था।
इसलिए फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस के आरोप और पुलिस के पक्ष में अंतर बना हुआ है।
आज होना है तिजारा चेयरमैन पद का चुनाव
इस विवाद के बीच तिजारा नगर परिषद के चेयरमैन पद के लिए सोमवार को मतदान होना है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस समर्थित बताए जा रहे 18 पार्षद मतदान में शामिल हो पाएंगे या नहीं।
चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने राजस्थान और हरियाणा दोनों जगह राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। अब पूरे मामले में पुलिस का आगे का कदम और मतदान के दौरान पार्षदों की मौजूदगी महत्वपूर्ण होगी।








