गौरतलब है कि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना शुरू की थी। हालांकि, अब तक कई किराएदार इस सुविधा से वंचित थे, क्योंकि बिजली कनेक्शन और मीटर आमतौर पर मकान मालिक के नाम पर होते थे। सरकार के नए फैसले से ऐसे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
किराएदारों को भी मिलेगा 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ
राज्य के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने स्पष्ट किया है कि अब किराए के मकानों में रहने वाले लोगों को भी 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य बिजली सब्सिडी और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ राज्य के प्रत्येक पात्र उपभोक्ता तक पहुंचाना है।
मंत्री के मुताबिक, ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के किराएदार इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपने नाम पर अलग बिजली मीटर लगवाना होगा, ताकि उनकी बिजली खपत का हिसाब स्वतंत्र रूप से दर्ज हो सके।
मकान मालिक अधिक बिजली शुल्क वसूलेंगे तो होगी कार्रवाई
ऊर्जा मंत्री ने मकान मालिकों को भी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मकान मालिक किराएदारों से बिजली विभाग की ओर से निर्धारित दरों के अनुसार ही बिजली शुल्क ले सकते हैं। यदि कोई मकान मालिक सरकारी दर से अधिक राशि वसूलता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य किराएदारों से मनमाने तरीके से बिजली बिल वसूलने की शिकायतों पर रोक लगाना है। अलग मीटर होने से किराएदार की वास्तविक बिजली खपत का रिकॉर्ड भी स्पष्ट रहेगा।
125 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए क्या करना होगा?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किराएदारों को अपने नाम पर अलग बिजली मीटर के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए उन्हें बिजली विभाग के समक्ष जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे।
आवेदन के लिए मुख्य रूप से इन दस्तावेजों की जरूरत होगी:
- किराएदार का आधार कार्ड
- मकान का वैध रेंट एग्रीमेंट
- बिजली कनेक्शन के लिए विभाग द्वारा मांगे गए अन्य आवश्यक दस्तावेज
दस्तावेजों के सत्यापन और आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किराएदार के नाम पर अलग मीटर लगाया जा सकेगा। इसके बाद पात्र उपभोक्ता को 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ मिल सकेगा।
अब मीटर लगवाने के लिए मकान मालिक के दस्तावेजों की अनिवार्यता नहीं
पहले किराएदारों के लिए अलग बिजली मीटर लगवाना आसान नहीं था। आवेदन के दौरान अक्सर मकान मालिक का आधार कार्ड या अन्य दस्तावेज मांगे जाते थे। इस वजह से कई किराएदारों को कनेक्शन लेने में परेशानी होती थी।
अब नियमों में बदलाव के बाद किराएदार रेंट एग्रीमेंट, अपने आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन कर सकेंगे। इससे मकान मालिक पर दस्तावेजों के लिए निर्भरता कम होगी और नया मीटर लगवाने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
बिजली बिल को लेकर मकान मालिक और किराएदार के बीच विवाद होंगे कम
किराए के मकानों में रहने वाले लोगों को अक्सर बिजली बिल को लेकर मकान मालिकों के साथ विवाद का सामना करना पड़ता है। कई जगह एक ही मीटर से मकान मालिक और किराएदार दोनों की बिजली खपत दर्ज होती है, जिससे अलग-अलग बिल का हिसाब लगाना मुश्किल हो जाता है।
अलग मीटर की व्यवस्था से प्रत्येक किराएदार की बिजली खपत का रिकॉर्ड अलग रहेगा। इससे बिल के भुगतान में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक विवादों में भी कमी आ सकती है।
यह भी पढ़ें: दिवाली पर पटाखे न जलाने की दीया मिर्जा के अपील पर मचा बवाल
बिहार सरकार के इस फैसले से राज्य के शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले पात्र किराएदारों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, योजना का लाभ लेने से पहले उपभोक्ताओं को बिजली विभाग से आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेजों और पात्रता से संबंधित नवीनतम दिशा-निर्देशों की जानकारी लेनी चाहिए।








