उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव में मंगलवार को एक चार मंजिला आवासीय इमारत में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर खड़ी एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) की बैटरी चार्जिंग के दौरान हुई स्पार्किंग से हुई, जिसके बाद आसपास खड़े अन्य वाहनों ने भी आग पकड़ ली।
घटना के समय इमारत में लगभग 50 परिवार मौजूद थे। फायर सर्विस और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अधिकांश लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन धुएं की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई।
कैसे लगी आग?
प्रशासन के अनुसार, जी+4 भवन के ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग बनी हुई थी, जहां इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्ज की जा रही थी। इसी दौरान स्पार्किंग हुई और आग तेजी से फैलकर पास में खड़े पेट्रोल वाहनों तक पहुंच गई। देखते ही देखते आग ने पूरे पार्किंग क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया और घना धुआं पूरी इमारत में भर गया।
आग लगने के कारण ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोग इमारत के भीतर फंस गए।
50 परिवारों का चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही फायर विभाग ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मौके पर सात फायर टेंडर, एक हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और स्थानीय पुलिस टीम पहुंची।
काफी मशक्कत के बाद सभी मंजिलों पर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, इमारत में रह रहे लगभग 50 परिवारों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया।
दो लोगों की मौत
रेस्क्यू के दौरान धुएं के कारण दो लोगों की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। उन्हें तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक महिला और एक पुरुष को मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन ने मृतकों की पहचान और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान
घटना की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की लगातार निगरानी रखने और हर स्तर पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस ने क्या कहा?
एडिशनल पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि जिस इमारत में आग लगी वह जी+4 आवासीय भवन था। ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग थी, जबकि प्रत्येक मंजिल पर लगभग 12 परिवार रह रहे थे।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग का कारण इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्जिंग के दौरान हुई स्पार्किंग माना जा रहा है। मामले में फेज-3 थाना में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और भवन मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
आग पर पाया गया पूरी तरह काबू
फायर विभाग ने बताया कि समय रहते आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया, जिससे घटना और अधिक गंभीर होने से बच गई। यदि राहत दल समय पर नहीं पहुंचता, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
फिलहाल इमारत को सुरक्षा कारणों से खाली करा दिया गया है और विशेषज्ञ टीम आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।
ईवी बैटरी चार्जिंग को लेकर फिर उठे सवाल
इस घटना के बाद आवासीय इमारतों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी चार्जिंग व्यवस्था को लेकर फिर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईवी चार्जिंग के लिए मानकों के अनुरूप वायरिंग, सुरक्षा उपकरण और पर्याप्त अग्निशमन व्यवस्था होना बेहद जरूरी है।
प्रशासन भी अब यह जांच करेगा कि भवन में अग्नि सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
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नोएडा के मामूरा में हुई यह दर्दनाक घटना एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा और ईवी चार्जिंग व्यवस्था की गंभीर चुनौतियों को सामने लाती है। समय पर किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन से दर्जनों लोगों की जान बच गई, लेकिन दो लोगों की मौत ने इस हादसे को बेहद दुखद बना दिया। अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि इस दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लापरवाही किस स्तर पर हुई।









