FIDE Candidates Tournament 2028: अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2028 और महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2028 के लिए नई क्वालिफिकेशन प्रणाली को मंजूरी दे दी है। नए नियमों का उद्देश्य विश्व चैंपियनशिप चक्र को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और प्रदर्शन आधारित बनाना है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब केवल FIDE रेटिंग के आधार पर खिलाड़ियों को कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह नहीं मिलेगी।
नई प्रणाली के तहत खिलाड़ियों को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और पूरे सीजन में लगातार अच्छे प्रदर्शन के आधार पर क्वालिफाई करना होगा।
क्यों अहम है FIDE Candidates Tournament?
FIDE कैंडिडेट्स टूर्नामेंट विश्व शतरंज का सबसे महत्वपूर्ण क्वालिफाइंग इवेंट माना जाता है। इसी प्रतियोगिता का विजेता मौजूदा विश्व शतरंज चैंपियन को चुनौती देने का अधिकार हासिल करता है। इसी तरह महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की विजेता महिला विश्व शतरंज चैंपियनशिप मुकाबले में जगह बनाती है।
इस वजह से इसकी क्वालिफिकेशन प्रणाली को विश्व शतरंज का सबसे महत्वपूर्ण ढांचा माना जाता है।
नए नियमों में क्या-क्या बदला?
FIDE परिषद द्वारा स्वीकृत नए नियमों में चार बड़े बदलाव किए गए हैं।
1. Total Chess World Championship Tour से मिलेगा सीधा मौका
पहली बार Total Chess World Championship Tour 2026–2027 को कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की आधिकारिक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
इस टूर की अंतिम रैंकिंग में शीर्ष दो खिलाड़ी सीधे FIDE Candidates Tournament 2028 के लिए क्वालिफाई करेंगे। इसका उद्देश्य पूरे सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मान देना है।
2. World Cup से अब केवल दो खिलाड़ियों को मिलेगा स्थान
पहले विश्व कप से तीन खिलाड़ियों को कैंडिडेट्स में प्रवेश मिलता था। अब 2027 FIDE World Cup और FIDE Women’s World Cup से केवल दोनों फाइनलिस्ट ही कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई करेंगे।
यदि किसी खिलाड़ी की जगह खाली होती है, तो उसे पूर्व निर्धारित खेल मानदंडों के अनुसार दूसरे योग्य खिलाड़ी को दिया जाएगा।
3. रेटिंग के आधार पर क्वालिफिकेशन खत्म
नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि रेटिंग आधारित क्वालिफिकेशन पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
अब खिलाड़ियों को केवल अपनी FIDE रेटिंग के आधार पर कैंडिडेट्स में जगह नहीं मिलेगी। इसके बजाय उन्हें Grand Swiss, World Cup, Total Chess World Championship Tour, Women’s Grand Prix और FIDE Circuit जैसी प्रमुख प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करना होगा।
इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विश्व चैंपियनशिप चक्र में जगह केवल मैदान पर किए गए प्रदर्शन के आधार पर मिले।
4. FIDE Circuit का मूल्यांकन अब दो वर्षों के आधार पर
पहले FIDE Circuit के माध्यम से हर वर्ष अलग-अलग क्वालिफिकेशन होता था। अब 2026 और 2027 के संयुक्त प्रदर्शन को आधार बनाया जाएगा।
दो वर्षों की कुल रैंकिंग में शीर्ष दो ऐसे खिलाड़ी, जिन्होंने अन्य किसी माध्यम से पहले ही क्वालिफाई नहीं किया होगा, उन्हें कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में स्थान मिलेगा।
इससे खिलाड़ियों को लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन बनाए रखने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
FIDE Candidates Tournament 2028 के लिए क्वालिफिकेशन के रास्ते
आठ खिलाड़ी निम्नलिखित प्रतियोगिताओं के माध्यम से कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में पहुंचेंगे—
- FIDE Grand Swiss Tournament 2027 – 2 खिलाड़ी
- Total Chess World Championship Tour 2026–2027 – 2 खिलाड़ी
- FIDE World Cup 2027 – 2 खिलाड़ी
- FIDE Circuit 2026–2027 – 2 खिलाड़ी
महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2028 के लिए क्वालिफिकेशन
महिला वर्ग में भी कुल आठ खिलाड़ियों का चयन चार अलग-अलग प्रतियोगिताओं से होगा—
- FIDE Women’s Grand Swiss 2027 – 2 खिलाड़ी
- FIDE Women’s Grand Prix Series 2026–2027 – 2 खिलाड़ी
- FIDE Women’s World Cup 2027 – 2 खिलाड़ी
- FIDE Women’s Circuit 2026–2027 – 2 खिलाड़ी
संतुलित और प्रदर्शन आधारित व्यवस्था
नई प्रणाली में चारों क्वालिफिकेशन मार्गों को समान महत्व दिया गया है। इससे खिलाड़ियों के पास किसी एक प्रारूप पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग प्रतियोगिताओं में खुद को साबित करने का अवसर होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव शतरंज को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा और लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अधिक लाभ मिलेगा।
FIDE अध्यक्ष ने क्या कहा?
FIDE अध्यक्ष अरकादी द्वोरकोविच ने कहा कि कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की क्वालिफिकेशन प्रणाली विश्व शतरंज चक्र की आधारशिला है और समय के साथ इसमें सुधार जरूरी था।
उनके अनुसार नए बदलावों का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को अधिक संतुलित, पारदर्शी और पूरी तरह प्रदर्शन आधारित बनाना है। उन्होंने कहा कि Total Chess World Championship Tour को शामिल करने, विश्व कप के नियमों में संशोधन करने और पूरे चक्र के प्रदर्शन को महत्व देने से अब हर खिलाड़ी को अपनी योग्यता मैदान पर साबित करनी होगी।
खिलाड़ियों पर क्या पड़ेगा असर?
नई व्यवस्था के बाद खिलाड़ियों के लिए केवल उच्च रेटिंग बनाए रखना पर्याप्त नहीं होगा। उन्हें पूरे विश्व चैंपियनशिप चक्र के दौरान लगातार बड़े टूर्नामेंटों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
इस बदलाव से युवा खिलाड़ियों को भी अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब नियमित प्रदर्शन, सक्रिय भागीदारी और बड़े आयोजनों में सफलता ही कैंडिडेट्स टूर्नामेंट तक पहुंचने का प्रमुख आधार होगी।









