मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए शॉर्ट टर्म क्रॉप लोन योजना में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब राज्य के किसानों को 3 लाख रुपये तक के फसल ऋण पर ब्याज नहीं देना होगा, बशर्ते वे तय समय के भीतर कर्ज चुका दें। सरकार का यह फैसला खेती की बढ़ती लागत और किसानों पर बढ़ रहे कर्ज के दबाव को कम करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
3 लाख रुपये तक मिलेगा ब्याज मुक्त फसल ऋण
नई व्यवस्था के अनुसार किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और अल्पकालीन फसल ऋण पर पहले से ज्यादा राहत दी जाएगी। केंद्र सरकार की ब्याज सब्सिडी के साथ अब राज्य सरकार भी अतिरिक्त ब्याज सहायता प्रदान करेगी। इससे समय पर भुगतान करने वाले किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर शून्य प्रतिशत हो जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस कदम से छोटे, सीमांत और बड़े सभी किसानों को फायदा मिलेगा। किसान खेती के लिए जरूरी खर्च जैसे बीज, खाद, दवाइयां और अन्य कृषि सामग्री आसानी से खरीद सकेंगे।
लोन चुकाने के लिए मिलेगा ज्यादा समय
नई नीति में किसानों को राहत देते हुए ऋण चुकाने की अवधि भी बढ़ा दी गई है। अब किसानों को फसल ऋण लौटाने के लिए 12 महीने तक का समय मिलेगा। इससे किसान अपनी उपज बेचने के बाद आराम से भुगतान कर सकेंगे और उन पर आर्थिक दबाव कम होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला किसानों को निजी साहूकारों और ऊंची ब्याज दर वाले कर्ज से बचाने में मददगार साबित हो सकता है।

समय पर भुगतान करने वालों को अतिरिक्त फायदा
राज्य सरकार ने समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन भी तय किया है।
किसानों को मिलेंगे ये लाभ
- 1.25 प्रतिशत सामान्य ब्याज अनुदान
- समय पर भुगतान करने पर 4 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन अनुदान
- कुल मिलाकर प्रभावी ब्याज दर होगी 0 प्रतिशत
इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना और बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ना है।
खेती की लागत कम करने की कोशिश
बीते कुछ वर्षों में खेती की लागत लगातार बढ़ी है। डीजल, खाद, बीज और मजदूरी के बढ़ते खर्च ने किसानों की आर्थिक स्थिति पर असर डाला है। ऐसे में सरकार का यह कदम खेती को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की कोशिश माना जा रहा है।
विशेष रूप से उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है जो हर सीजन में महंगे ब्याज पर निजी उधार लेने को मजबूर हो जाते हैं।
लाखों किसानों को मिलेगा फायदा
सरकार का दावा है कि इस योजना से राज्य के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। आसान लोन प्रक्रिया और ब्याज मुक्त ऋण सुविधा से कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसान समय पर ऋण चुका पाए तो यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती है।








