साल 2026 से पहले ही उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने किसानों को महंगे ब्याज वाले कृषि ऋण से राहत दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार की नई पहल के तहत किसानों को अब 6 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर पर लोन मिलेगा। इससे पहले सहकारी ग्राम विकास बैंकों से मिलने वाले कर्ज पर किसानों को करीब 11.5 प्रतिशत तक ब्याज चुकाना पड़ता था, जो उनके लिए बड़ा आर्थिक बोझ बन जाता था।
किसानों की परेशानियों को देखते हुए फैसला
किसानों को अक्सर फसलों की बुवाई, खाद-बीज और सिंचाई के लिए कर्ज लेना पड़ता है। लेकिन ऊंची ब्याज दरों के कारण उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो जाती है। ऊपर से मौसम की मार और प्राकृतिक आपदाओं की वजह से जब फसल खराब होती है, तो कर्ज चुकाना और भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे हालात में सरकार की यह नई योजना किसानों को बड़ी राहत देने वाली मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि यह राहत मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अंतर्गत दी जाएगी। इसके तहत लघु और सीमांत किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (LDB) के माध्यम से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों का वित्तीय दबाव कम हो और वे बिना चिंता के अपनी खेती से जुड़ी जरूरतें पूरी कर सकें।
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खेती को मिलेगी मजबूती
इस फैसले से न केवल किसानों को सस्ता कर्ज मिलेगा, बल्कि कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। कम ब्याज पर ऋण मिलने से किसान आधुनिक तकनीक अपनाने, बेहतर बीज और संसाधनों में निवेश कर सकेंगे। माना जा रहा है कि इस योजना से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।









