राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने बुधवार को बिहार चुनावों से पहले सीट बंटवारे को लेकर जारी गतिरोध के बीच एनडीए अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। बैठक के बाद कुशवाहा ने कहा कि पटना में हुई चर्चाओं के दौरान गठबंधन में कुछ मुद्दे और अनिश्चितताएं थीं, लेकिन अब बैठक हो चुकी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी। कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने अमित शाह के साथ विचार-विमर्श किया और उम्मीद है कि आगे कोई कठिनाई नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि महुआ सीट को लेकर भी चर्चा हुई, जहां से वे अपने बेटे को मैदान में उतारना चाहते हैं।
यह भी पढ़ें- बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर पंकज धीर का निधन, महाभारत में निभाई थी कर्ण की भूमिका
इससे पहले, कुशवाहा ने शीर्ष भाजपा नेताओं से मुलाकात के बाद कहा था कि “एनडीए में सब कुछ ठीक नहीं है,” जिससे गठबंधन के भीतर की खींचतान स्पष्ट हो गई थी। इसके बाद अमित शाह ने उन्हें दिल्ली बुलाया ताकि मौजूदा मुद्दों पर चर्चा की जा सके।
पत्रकारों से बात करते हुए कुशवाहा ने कहा, “मैं दिल्ली जा रहा हूं। एनडीए में जो फैसले लिए जा रहे हैं, उन पर कुछ विचार करने की जरूरत है। मैं इन्हीं बातों पर चर्चा के लिए दिल्ली जा रहा हूं। उम्मीद है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा।’
महुआ सीट पर विवाद
तनाव की असली वजह सीट बंटवारे को लेकर मतभेद है, खासकर महुआ विधानसभा सीट को लेकर। शुरुआत में यह सीट उपेंद्र कुशवाहा के लिए तय बताई जा रही थी, लेकिन नई रिपोर्टों के अनुसार इसे चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दिए जाने की संभावना है, जिससे असंतोष बढ़ गया है।
सूत्रों के मुताबिक, उपेंद्र कुशवाहा अपने बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा को महुआ सीट से चुनाव लड़ाना चाहते हैं और इसको लेकर अपने समर्थकों से चर्चा भी शुरू कर चुके हैं।
जेडीयू ने जारी की पहली सूची
नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने बुधवार को बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने 57 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। यह घोषणा एनडीए के अंदर चल रहे तनाव के बीच की गई है।
खास बात यह है कि जेडीयू ने उन पांच सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए हैं जो पहले चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को दी गई थीं।
घोषित उम्मीदवारों में प्रमुख नाम हैं, सोनबरसा से रत्नेश सादा, मुरवा से विद्यसागर निषाद, एकमा से धूमल सिंह, और राजगीर से कौशल किशोर।









