• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Wednesday, October 7, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home पंचायत

Bihar Panchayat Election Reservation: पटना हाईकोर्ट का आरक्षण पर बड़ा फैसला

Bihar Panchayat Election 2026: बिहार में पंचायत चुनावों के आरक्षण को लेकर पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
25 August 2026
in पंचायत, राज्यों से
0
Bihar Panchayat Election Reservation: पटना हाईकोर्ट का आरक्षण पर बड़ा फैसला - Panchayati Times

पटना हाईकोर्ट

Share on FacebookShare on Twitter

Bihar Panchayat Election 2026: बिहार में पंचायत चुनावों के आरक्षण को लेकर पटना हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की एकलपीठ ने मो. ईसा की याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव में आरक्षण निर्धारित करने के लिए सरकारी नौकरियों वाला बिहार आरक्षण अधिनियम, 1991 लागू नहीं होगा। मुखिया के चुनाव में आरक्षण का आधार बिहार पंचायत राज अधिनियम की धारा 15(5) होगी।

31 पन्नों के अपने फैसले में अदालत ने जाति छानबीन समिति के आदेश और उसके आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचित मुखिया को पद से हटाने की कार्रवाई को रद्द कर दिया।

पंचायत चुनाव और सरकारी नौकरी के आरक्षण अलग

पटना हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी सेवाओं में आरक्षण और चुनाव में प्रतिनिधित्व के लिए आरक्षण दो अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाएं हैं। इसलिए सरकारी नौकरियों एवं पदों के लिए बनाए गए वर्ष 1991 के आरक्षण कानून को पंचायत चुनाव में उसी रूप में लागू नहीं किया जा सकता।

अदालत के मुताबिक किसी आरक्षण कानून की व्याख्या उसके उद्देश्य और विधायी व्यवस्था के अनुरूप की जानी चाहिए।

मुखिया चुनाव में धारा 15(5) होगी आधार

फैसले का अहम बिंदु यह है कि मुखिया के चुनाव में आरक्षण का निर्धारण बिहार पंचायत राज कानून की धारा 15(5) के तहत होगा। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसके लिए बिहार आरक्षण अधिनियम, 1991 को आधार नहीं बनाया जा सकता।

हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि 1991 के कानून की भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं होती। पंचायत चुनावों के संदर्भ में इसका इस्तेमाल पिछड़ा वर्ग में शामिल जातियों की पहचान के लिए किया जा सकता है।

निर्वाचित मुखिया को हटाने का आदेश रद्द

मामले में जाति छानबीन समिति ने एक निर्वाचित मुखिया के संबंध में कार्रवाई की थी। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने भी उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी किया था।

हाईकोर्ट ने दोनों कार्रवाइयों को निरस्त करते हुए माना कि संबंधित प्राधिकारियों ने मामले में गलत कानूनी प्रावधान का इस्तेमाल किया था।

कोर्ट ने किन आदेशों को रद्द किया?

अदालत ने इस मामले में दो प्रमुख आदेशों को निरस्त कर दिया—

  • जाति छानबीन समिति का मेमो नंबर 6574, दिनांक 28 मार्च 2025
  • राज्य निर्वाचन आयोग का मेमो नंबर 2876, दिनांक 25 जून 2025

राज्य निर्वाचन आयोग की कार्रवाई पर भी सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने जाति छानबीन समिति और राज्य निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधि को पद से हटाने के लिए जिस कानूनी आधार का इस्तेमाल किया गया, वह पंचायत चुनाव में लागू होने वाली आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप नहीं था।

इसलिए उस आधार पर की गई कार्रवाई को कायम नहीं रखा जा सकता।

बिहार पंचायत चुनाव पर क्या होगा असर?

हाईकोर्ट के इस फैसले से बिहार में पंचायत चुनावों में आरक्षण को लेकर कानूनी स्थिति को समझने में महत्वपूर्ण स्पष्टता मिल सकती है। खासकर मुखिया समेत पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव में आरक्षण तय करते समय बिहार पंचायत राज कानून और उसकी संबंधित धाराओं को आधार बनाने की बात सामने आई है।

यह भी पढ़ें: CM योगी का युवाओं के लिए बड़ा ऐलान, मिलेंगे इतने लाख सरकारी नौकरी

इस फैसले का महत्व इसलिए भी है क्योंकि पंचायत चुनाव में आरक्षण और सरकारी सेवाओं में आरक्षण को एक ही कानूनी व्यवस्था मानने को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती थी। कोर्ट ने दोनों के बीच स्पष्ट अंतर रेखांकित किया है।

Tags: Bihar Panchayat Electionपटना हाईकोर्टबिहार पंचायत चुनावबिहार पंचायत राज अधिनियममुखिया के चुनाव में आरक्षण का आधार
Previous Post

CM योगी का युवाओं के लिए बड़ा ऐलान, मिलेंगे इतने लाख सरकारी नौकरी

Next Post

MCD और दिल्ली सरकार में अफसरशाही हावी, चुने हुए प्रतिनिधि काम कराने के लिए लगा रहे चक्कर: विजय गोयल

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

PM Fasal Bima Yojana Bihar: 7 साल बाद फिर लागू होगी फसल बीमा योजना, जानें कब से शुरू होंगे आवेदन - Panchayati Times
कृषि समाचार

PM Fasal Bima Yojana Bihar: 7 साल बाद फिर लागू होगी फसल बीमा योजना, जानें कब से शुरू होंगे आवेदन

3 October 2026
Special Gram Sabha 2026: 2 अक्टूबर को देशभर में विशेष ग्राम सभा, ‘सबकी योजना, सबका विकास’ का शुभारंभ - Panchayati Times
पंचायत

Special Gram Sabha 2026: 2 अक्टूबर को देशभर में विशेष ग्राम सभा, ‘सबकी योजना, सबका विकास’ का शुभारंभ

1 October 2026
BPSC TRE 4.0: शिक्षक भर्ती में 932 पद बढ़े, अब 33,320 पदों पर होगी नियुक्ति - Panchayati Times
राज्यों से

BPSC TRE 4.0: शिक्षक भर्ती में 932 पद बढ़े, अब 33,320 पदों पर होगी नियुक्ति

29 September 2026
Kerala Local Body Results 2026: UDF को झटका, LDF ने 16 वार्ड जीते; जानें पूरा परिणाम - Panchayati Times
पंचायत

Kerala Local Body Results 2026: UDF को झटका, LDF ने 16 वार्ड जीते; जानें पूरा परिणाम

29 September 2026
Barapullah Phase 3: दिल्ली में शुरू हुआ बारापुला फेज-3, मयूर विहार से AIIMS तक आसान होगा सफर - Panchayati Times
राज्यों से

Barapullah Phase 3: दिल्ली में शुरू हुआ बारापुला फेज-3, मयूर विहार से AIIMS तक आसान होगा सफर

29 September 2026
पंचायती राज मंत्रालय: हिंदी के सरल और व्यवहारिक इस्तेमाल पर जोर, पंचायतों के कामकाज में बढ़ावा देने की जरूरत - Panchayati Raj
पंचायत

पंचायती राज मंत्रालय: हिंदी के सरल और व्यवहारिक इस्तेमाल पर जोर, पंचायतों के कामकाज में बढ़ावा देने की जरूरत

28 September 2026
Next Post
MCD और दिल्ली सरकार में अफसरशाही हावी, चुने हुए प्रतिनिधि काम कराने के लिए लगा रहे चक्कर: विजय गोयल - Panchayati Times

MCD और दिल्ली सरकार में अफसरशाही हावी, चुने हुए प्रतिनिधि काम कराने के लिए लगा रहे चक्कर: विजय गोयल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (39)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (232)
  • खेल (590)
  • जुर्म (345)
  • दुनिया (357)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (140)
  • पंचायत (324)
  • बिज़नेस (297)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,829)
  • मनोरंजन (318)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,150)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (203)
  • स्वास्थ्य (100)

Recent News

त्योहारों से पहले लाखों कर्मचारियों को केंद्र सरकार का तोहफा, VDA में बढ़ोतरी - Panchayati Times

त्योहारों से पहले लाखों कर्मचारियों को केंद्र सरकार का तोहफा, VDA में बढ़ोतरी

5 October 2026
Nobel Prize in Medicine 2026: चिकित्सा के क्षेत्र में इन्हें मिला 2026 का नोबेल पुरस्कार - Panchayati Times

Nobel Prize in Medicine 2026: चिकित्सा के क्षेत्र में इन्हें मिला 2026 का नोबेल पुरस्कार

5 October 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved