PM Fasal Bima Yojana Bihar: बिहार के किसानों के लिए फसल बीमा से जुड़ा महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को रबी 2026-27 सीजन से दोबारा लागू करने की तैयारी है। बिहार सरकार के सहकारिता विभाग ने इसके लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई है और राज्य सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी रबी 2026-27 से योजना के पुनः कार्यान्वयन से संबंधित सूचना जारी की गई है।
योजना दोबारा लागू होने के बाद अधिसूचित फसलों और क्षेत्रों में खेती करने वाले पात्र किसानों को प्राकृतिक आपदा या योजना में शामिल अन्य जोखिमों से फसल को हुए नुकसान के खिलाफ बीमा सुरक्षा मिल सकेगी।
रबी 2026-27 से शुरू होगी योजना
बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को रबी 2026-27 सीजन से फिर शुरू करने की तैयारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार किसानों से आवेदन 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक लिए जाने की योजना है।
राज्य सरकार की ओर से योजना के कार्यान्वयन से संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें बीमा कंपनियों के चयन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को पूरा करने का काम शामिल है।
फसल खराब होने पर कैसे मिलेगा बीमा लाभ?
PMFBY का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और योजना में शामिल अन्य जोखिमों से होने वाले फसल नुकसान के खिलाफ आर्थिक सुरक्षा देना है। योजना के तहत सूखा, बाढ़, चक्रवात, ओलावृष्टि, कीट और बीमारियों जैसी परिस्थितियों से होने वाले नुकसान को निर्धारित नियमों के तहत कवर किया जा सकता है।
हालांकि, हर फसल और हर क्षेत्र अपने आप योजना के दायरे में नहीं आता। संबंधित राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित फसल और क्षेत्र के लिए ही योजना का कवरेज लागू होता है। नुकसान का आकलन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है।
किसान को कितना प्रीमियम देना होगा?
PMFBY में किसान के हिस्से का प्रीमियम सीमित रखा गया है। केंद्र सरकार की जानकारी के अनुसार:
- रबी फसल: अधिकतम 1.5 प्रतिशत
- खरीफ फसल: अधिकतम 2 प्रतिशत
- व्यावसायिक और बागवानी फसल: अधिकतम 5 प्रतिशत
बाकी प्रीमियम का भुगतान सरकार की निर्धारित हिस्सेदारी के अनुसार किया जाता है।
आवेदन करने से पहले किसान इन बातों का रखें ध्यान
रबी 2026-27 में PMFBY का लाभ लेने की तैयारी कर रहे किसानों को आवेदन की अंतिम तारीख का विशेष ध्यान रखना होगा। साथ ही यह भी जांचना जरूरी है कि उनकी फसल और क्षेत्र योजना के तहत अधिसूचित है या नहीं।
आवेदन के दौरान किसान से पहचान, जमीन और बैंक खाते से संबंधित जानकारी मांगी जा सकती है। इसलिए जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखना बेहतर होगा। आवेदन जमा करने के बाद उसकी रसीद और बीमा से जुड़े दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए।
बिहार के किसानों के लिए क्यों अहम है यह योजना?
खेती में मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला नुकसान किसानों की आय को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में फसल बीमा किसानों को संभावित नुकसान के खिलाफ वित्तीय सुरक्षा देने का एक माध्यम है।
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PMFBY के तहत देशभर में 2016 से अब तक बड़ी संख्या में किसानों की फसल का बीमा किया गया है और पात्र मामलों में दावों का भुगतान भी हुआ है। केंद्र सरकार के अनुसार खरीफ 2016 से रबी 2025-26 तक 92.46 करोड़ से अधिक किसान आवेदनों का बीमा हुआ और 26.33 करोड़ से अधिक किसान आवेदनों पर 2.06 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के दावों का भुगतान किया गया।









