• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Friday, August 7, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home शिक्षा / जॉब

CBSE: तीन से अधिक विषयों में फेल होने पर अगली परीक्षा में नहीं मिलेगा मौका

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए 2026 से साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
15 August 2025
in शिक्षा / जॉब
0
CBSE Three Language Policy 2026: 10वीं के छात्रों को बड़ी राहत, जानें नई भाषा नीति किस कक्षा में कैसे होगी लागू - Panchayati Times

Share on FacebookShare on Twitter

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव करते हुए 2026 से साल में दो बार परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को अधिक लचीलापन देना, पढ़ाई में सुधार को बढ़ावा देना और परीक्षा के तनाव को कम करना है। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के तहत शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दो बार परीक्षा का नया ढांचा

नई प्रणाली के अंतर्गत पहली बोर्ड परीक्षा हर साल फरवरी के मध्य में आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा सभी छात्रों के लिए अनिवार्य होगी। यदि कोई छात्र इस परीक्षा में सफल होता है, लेकिन अपने अंकों में सुधार करना चाहता है, तो उसे मई में आयोजित होने वाली दूसरी परीक्षा में बैठने का अवसर मिलेगा।

दूसरी परीक्षा में छात्र अधिकतम तीन विषयों—जैसे विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषा—में दोबारा परीक्षा दे सकते हैं। इसका उद्देश्य है कि छात्र यदि चाहें तो अपनी योग्यता बेहतर ढंग से प्रदर्शित कर सकें।

कौन नहीं दे सकेगा दूसरी परीक्षा?

हालांकि यह सुविधा सभी के लिए नहीं होगी। अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण होता है, तो वह दूसरी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेगा। ऐसे छात्रों को “आवश्यक पुनरावृत्ति” (Essential Repeat) श्रेणी में रखा जाएगा और उन्हें अगले शैक्षणिक वर्ष में फिर से परीक्षा देनी होगी।

वहीं, जिन छात्रों का परिणाम “कम्पार्टमेंट” श्रेणी में आता है, वे कम्पार्टमेंट परीक्षा के तहत एक और मौका पा सकते हैं।

विशेष छात्रों के लिए लचीलापन

CBSE ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खेलों में हिस्सा लेने वाले छात्र, सर्दियों में चलने वाले स्कूलों के विद्यार्थी, और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भी इस प्रणाली में पूरा सहयोग और लचीलापन मिले। इसके लिए मुख्य परीक्षा से पहले एक आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) की व्यवस्था की गई है।

CBSE: तीन से अधिक विषयों में फेल होने पर अगली परीक्षा में नहीं मिलेगा मौका - Panchayati Times

दोनों परीक्षाओं का समान सिलेबस

पहली और दूसरी दोनों परीक्षाएं पूरे शैक्षणिक वर्ष के सिलेबस पर आधारित होंगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों के बीच किसी भी प्रकार की असमानता या भ्रम की स्थिति न बने।

रिजल्ट और अगली कक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया

  • पहली परीक्षा का परिणाम अप्रैल में घोषित किया जाएगा।
  • दूसरी परीक्षा का परिणाम जून में जारी होगा।
  • छात्र अपने प्रथम परीक्षा के अंकों के आधार पर 11वीं में अस्थायी प्रवेश ले सकेंगे, लेकिन अंतिम प्रवेश दूसरी परीक्षा के परिणाम आने के बाद ही मान्य होगा।
  • योग्यता प्रमाण पत्र (Marksheet-Cum-Certificate) भी दूसरी परीक्षा के बाद ही प्रदान किया जाएगा।

क्यों लाया गया यह बदलाव?

CBSE का मानना है कि यह दो-स्तरीय परीक्षा प्रणाली छात्रों को तनावमुक्त माहौल में सीखने का अवसर देगी। इससे वे अपनी गलतियों को सुधार सकेंगे और साल के अंत में एक बड़ी परीक्षा की चिंता से राहत मिलेगी। बोर्ड का यह फैसला छात्रों की समग्र शिक्षा और मनोवैज्ञानिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

यह भी पढ़ें: स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने सुरक्षा, रोजगार, GST पर किया बड़ा ऐलान

CBSE द्वारा 2026 से लागू की जा रही दो-स्तरीय बोर्ड परीक्षा प्रणाली शिक्षा के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी पहल मानी जा रही है। यह बदलाव न केवल छात्रों को आत्मविश्वास और सुधार का अवसर देगा, बल्कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी, लचीली और छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

Tags: CBSE
Previous Post

स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने सुरक्षा, रोजगार, GST पर किया बड़ा ऐलान

Next Post

BSNL दे रहा सिर्फ 1 रुपये में महीने भर का डाटा

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

रांची छात्र आंदोलन: JPSC-JSSC भर्ती विवाद पर सरकार ने वार्ता का दिया प्रस्ताव, छात्रों ने रखी खुली बातचीत की शर्त - Panchayati Times
राज्यों से

रांची छात्र आंदोलन: JPSC-JSSC भर्ती विवाद पर सरकार ने वार्ता का दिया प्रस्ताव, छात्रों ने रखी खुली बातचीत की शर्त

5 August 2026
NEET UG 2026: पुडुचेरी स्टेट मेरिट लिस्ट में नेगेटिव अंक वाले अभ्यर्थियों के नाम, जानिए इसकी वजह और आगे की प्रक्रिया - Panchayati Times
राज्यों से

NEET UG 2026: पुडुचेरी स्टेट मेरिट लिस्ट में नेगेटिव अंक वाले अभ्यर्थियों के नाम, जानिए इसकी वजह और आगे की प्रक्रिया

4 August 2026
Chessveda और SBDAV पब्लिक स्कूल की साझेदारी, डिजिटल शतरंज प्रशिक्षण अपनाने वाला पहला स्कूल बना - Panchayati Times
खेल

Chessveda और SBDAV पब्लिक स्कूल की साझेदारी, डिजिटल शतरंज प्रशिक्षण अपनाने वाला पहला स्कूल बना

28 July 2026
Gujarat Ayurveda University Paper Leak: गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की सर्जरी परीक्षा का पेपर लीक - Panchayati Times
राज्यों से

Gujarat Ayurveda University Paper Leak: गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी की सर्जरी परीक्षा का पेपर लीक

27 July 2026
Exam Reforms Task Force: परीक्षा सुधार टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल है? - Panchayati Times
भारत

Exam Reforms Task Force: परीक्षा सुधार टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल है?

27 July 2026
यूनिवर्सिटी को गिराया जाना मतलब शिक्षा को कुचलना: CJP - Panchayati Times
राज्यों से

यूनिवर्सिटी को गिराया जाना मतलब शिक्षा को कुचलना: CJP

27 July 2026
Next Post
BSNL बंद करने जा रही यह सर्विस, करोड़ों यूजर्स होंगे प्रभावित - Panchayati Times

BSNL दे रहा सिर्फ 1 रुपये में महीने भर का डाटा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (39)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (229)
  • खेल (571)
  • जुर्म (339)
  • दुनिया (349)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (139)
  • पंचायत (302)
  • बिज़नेस (285)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,065)
  • भारत (2,775)
  • मनोरंजन (310)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (1,113)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (187)
  • स्वास्थ्य (100)

Recent News

कैबिनेट ने GOBARdhan योजना को दी मंजूरी: ₹23,731 करोड़ से बदलेगी भारत की बायोएनर्जी तस्वीर, किसानों और स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बड़ा बढ़ावा - Panchayati Times

कैबिनेट ने GOBARdhan योजना को दी मंजूरी: ₹23,731 करोड़ से बदलेगी भारत की बायोएनर्जी तस्वीर, किसानों और स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

6 August 2026
Tarun Tejpal Case: रेप केस में तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पलटा ट्रायल कोर्ट का फैसला - Panchayati Times

Tarun Tejpal Case: रेप केस में तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, बॉम्बे हाई कोर्ट ने पलटा ट्रायल कोर्ट का फैसला

6 August 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved