15 अगस्त 2025 को 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत के विकास, सुरक्षा, ऊर्जा, तकनीकी आत्मनिर्भरता और युवाओं के भविष्य से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बात की। इस बार का भाषण विशेष रूप से युवाओं और देश की आत्मनिर्भरता को समर्पित रहा।
युवाओं को तोहफा: ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ का ऐलान
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर युवाओं के लिए एक बड़ी योजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ₹1 लाख करोड़ की लागत से ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ आज से लागू हो गई है।
इस योजना के तहत:
- निजी क्षेत्र में पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकार ₹15,000 की आर्थिक सहायता देगी।
- यह पहली बार है जब केंद्र सरकार निजी क्षेत्र के रोजगार पर सीधे प्रोत्साहन दे रही है।
ऊर्जा और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर जोर
पीएम मोदी ने ऊर्जा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा:
- सोलर एनर्जी में 11 वर्षों में 30 गुना वृद्धि हुई है।
- हाइड्रोपावर, ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा में भारी निवेश किया गया है।
- 2047 तक भारत की न्यूक्लियर पावर क्षमता को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्पेस सेक्टर में ऐतिहासिक लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में भारत का खुद का स्पेस स्टेशन होगा। साथ ही, उन्होंने ‘मेड इन इंडिया जेट इंजन’ निर्माण की दिशा में भी देश को आगे बढ़ने का आह्वान किया।
क्रिटिकल मिनरल मिशन और फर्टिलाइजर आत्मनिर्भरता
- पीएम मोदी ने बताया कि रक्षा, चिकित्सा और तकनीक में जरूरी खनिजों के लिए देश में 1,200 से अधिक स्थानों पर खोज की जा रही है।
- उन्होंने उद्योगों और युवाओं से स्वदेशी उर्वरक (फर्टिलाइजर) उत्पादन को बढ़ावा देने की अपील की।
सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई: ऑपरेशन सिंदूर और मिशन सुदर्शन चक्र
प्रधानमंत्री ने हालिया सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सराहना करते हुए कहा कि हमारी सेना को खुली छूट दी गई थी।
- सैनिकों ने दुश्मन के क्षेत्र में घुसकर आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया।
- इसके साथ ही ‘मिशन सुदर्शन चक्र’ के तहत आधुनिक सैन्य तकनीक को विकसित करने और राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया।
आर्थिक सुधार और जीएसटी का नया स्वरूप
- पीएम मोदी ने कहा कि इस दिवाली पर अगली पीढ़ी का जीएसटी रिफॉर्म लागू किया जाएगा।
- इसका सबसे बड़ा लाभ एमएसएमई सेक्टर को मिलेगा।
- उन्होंने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है, महंगाई नियंत्रण में है और विदेशी मुद्रा भंडार स्थिर है।
भाषा, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास पर भी फोकस
- सभी भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में स्थानीय भाषाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
- मोटापे को नई चुनौती बताते हुए उन्होंने बताया कि हर तीसरा व्यक्ति इससे प्रभावित हो सकता है और तेल के उपयोग में 10% कटौती की सलाह दी।
- पिछड़े क्षेत्रों और पूर्वी भारत के लिए विशेष विकास योजनाओं की भी घोषणा की गई।
सिंधु जल समझौते पर स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री ने सिंधु जल समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि “खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने हिस्से के पानी का उपयोग अपने किसानों के लिए करेगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह स्वतंत्रता दिवस भाषण भविष्य की दिशा तय करने वाला रहा। युवाओं को आर्थिक संबल, तकनीकी और ऊर्जा आत्मनिर्भरता, सैन्य मजबूती और क्षेत्रीय विकास जैसे विषयों को एक मंच से उठाकर उन्होंने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की झलक दिखाई। 2047 तक भारत को विश्वगुरु बनाने के मिशन में यह भाषण मील का पत्थर साबित हो सकता है।










