Ghibli-style AI images: इन दिनों ChatGPT का Ghibli स्टाइल इमेज जेनरेशन फीचर सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। हर तरफ जहां देखो, Ghibli फोटो बनाने की होड़ मची हुई है। यहां तक की खबर आई थी पिछले हफ्ते इसके चलते ChatGPT का सर्वर ठप हो गया था।
कंपनी के सीईओ सैम ऑल्टमैन को बीच में आना पड़ा और सबसे अपील की, ‘कृपया अब बंद करें..हमारी टीम को भी नींद की जरूरत पड़ती है। हमारे GPU यानी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स पिघल रहे हैं। जिसके चलते हमने फ्री यूजर्स के लिए इमेज जेनरेशन के लिए डेली लिमिट सेट कर दी है। जिसके तहत फ्री यूजर्स को एक दिन में केवल 3 इमेज बनाने की सुविधा दी’
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लेकिन अब एक नए मुद्दे ने सबको परेशान कर दिया है। पर्यावरणविदों के अनुसार, जेनरेटिव एआई ने आज हमारी जिंदगी आसान तो बना दी है लेकिन आने वाले दिनों में पर्यावरण पर इसका बुरा असर होने वाला है। पर्यावरणविदों ने बताया, एक Ghibli स्टाइज इमेज जेनरेट करने में 60W के बल्ब को करीब 3.25 मिनट तक जलाने जितना बिजली खर्च हो रही है।
मतलब कि टेक्स्ट जेनरेट करने के मुकाबले एक इमेज क्रिएट करने में 10 गुना ज्यादा बिजली का उपयोग हो रहा है। Ghibli image बनाने के लिए बड़े डेटा सेंटर बनाए गए हैं। जिसमें एक इमेज बनाने के लिए जितनी बिजली प्रयोग हो रही है उससे आप अपने मोबाइल को 50 फीसदी तक चार्ज कर सकते हैं।

इसके अलावा GPU यानी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स का ठंडा करने के लिए लाखों लीटर पानी भी बर्बाद हो रहा है। ये आंकड़े वाकई जिंताजनक है क्योंकि ये समस्या भविष्य में गंभीर हो सकती है।