Chaitra Navratri ashtami navami tithi 2025: चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 30 मार्च से शुरू हुई थी जो नवमी के दिन समाप्त होंगे। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है, भक्त हर दिन नई ऊर्जा और भक्ति के साथ माता रानी का आह्वान करते हैं।
नौ दिनों तक मां दुर्गा के स्वरूप को घर में स्थापित करके अष्टमी या नवमी को व्रत का पारण करते हैं। इस बार नवरात्रि आठ दिनों की रहेगी क्योंकि हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार चैत्र नवरात्रि में द्वितीय और तृतीय तिथि एक ही दिन थी। यानी कि आज 4 अप्रैल को सप्तमी तिथि है और कल 5 अप्रैल को अष्टमी तिथि रहेगी।
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इस हिसाब से 6 अप्रैल रविवार को नवमी पड़ रही है और इसी दिन राम नवमी मनाई जाएगी। अब अगर शुभ मुहूर्त की बात करें तो अष्टमी तिथि का शुआरंभ 4 अप्रैल को रात 8:12 बजे से शुरू हो रहा है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त 5 अप्रैल सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक, और ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:42 से 5:30 बजे तक होगी। महा अष्टमी के दिन व्रती और भक्त, मां दुर्गा के नौ कन्या स्वरूपों की पूजा करते हैं उन्हें भोजन और भेंट भी देते हैं।
महा अष्टमी के दिन कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त 5 अप्रैल को सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक है। वाराणसी के पंडितों के अनुसार, 5 अप्रैल की शाम 7 बजकर 26 मिनट से नवमी तिथि लग रही है जो 6 अप्रैल शाम के 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगी। इस हिसाब से अष्टमी की पूजा भक्त गण 5 अप्रैल और नवमी की पूजा 6 अप्रैल को करें।