इसके साथ ही राज्य सरकार ने पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए महंगाई राहत (DR) बढ़ाने के आदेश भी जारी किए हैं। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने राज्य की आर्थिक स्थिति और पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में लिए गए कर्ज को लेकर भी बयान दिया है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिलेंगे 10 हजार रुपये
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में कुल 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसमें 1 प्रतिशत का वह महंगाई भत्ता भी शामिल है, जो पहले से लंबित था।
सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए 10 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि देने का भी ऐलान किया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह रकम 1 नवंबर को कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। इस फैसले से त्योहार के समय कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
पेंशनरों की महंगाई राहत में भी बढ़ोतरी
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सरकारी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों की महंगाई राहत बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। वित्त विभाग के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, अलग-अलग प्रभावी तिथियों से महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया गया है।
- 1 जनवरी 2024 से: महंगाई राहत 46 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत की गई है।
- 1 जुलाई 2023 से: महंगाई राहत 45 प्रतिशत से बढ़ाकर 46 प्रतिशत की गई है।
इन आदेशों का लाभ हिमाचल प्रदेश सरकार के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के अलावा अखिल भारतीय सेवा (AIS) के पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी मिलेगा।
नवंबर में पेंशन के साथ होगा बढ़ी हुई DR का भुगतान
सरकार के आदेश के मुताबिक, संशोधित महंगाई राहत अक्टूबर 2026 की पेंशन के साथ देय होगी। इसका भुगतान नवंबर 2026 में किया जाएगा।
हालांकि, 1 जुलाई 2023 से 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के महंगाई राहत के बकाया भुगतान यानी एरियर को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एरियर के भुगतान पर उचित समय पर अलग से निर्णय किया जाएगा। फिलहाल पेंशनरों को नवंबर में मिलने वाली पेंशन के साथ बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ दिया जाएगा।
RDG मिलता रहता तो 2027 तक आत्मनिर्भर हो जाता हिमाचल: सुक्खू
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने राज्य की आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए कहा कि यदि हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से राजस्व घाटा अनुदान (RDG) मिलता रहता, तो राज्य वर्ष 2027 तक आत्मनिर्भर हो सकता था।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय सहायता राज्य की वित्तीय स्थिति के लिए महत्वपूर्ण रही है। मुख्यमंत्री ने इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल और वर्तमान सरकार के दौरान लिए गए कर्ज के आंकड़े भी पेश किए।
जयराम ठाकुर के पांच साल में 43,261 करोड़ रुपये का कर्ज: मुख्यमंत्री
सुक्खू के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के पांच साल के कार्यकाल में हिमाचल प्रदेश ने 43,261 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। वहीं, वर्तमान सरकार अब तक 37,781 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य पर कुल कर्ज बढ़कर 99,564 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने RDG को प्रदेश की आर्थिक स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि केंद्र से यह सहायता जारी रहती तो आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिल सकती थी।
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी दिया बयान
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के 16 विधायक भी जीतकर नहीं आएंगे।
मुख्यमंत्री के इस बयान से राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने के संकेत हैं।









