Gold Silver Price Today: त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ सोने-चांदी की खरीदारी को लेकर बाजार में हलचल बढ़ने लगी है। ऐसे में 1 अक्टूबर 2026 को सोने की कीमत में तेजी देखने को मिली है, जबकि चांदी के भाव लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में स्थिर रहे। राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोना आज 700 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हुआ।
1 अक्टूबर को कितना महंगा हुआ सोना?
राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना बुधवार के मुकाबले 700 रुपये की बढ़त के साथ 1,49,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
इससे पहले 30 सितंबर को सोने की कीमत में 1,400 रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी और भाव 1,48,600 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया था। अब एक दिन बाद सोने की कीमत में तेजी लौट आई है और पिछले दो कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया है।
त्योहारी सीजन और दिवाली से पहले सोने की मांग बढ़ने की संभावना के बीच कीमतों में होने वाला यह बदलाव खरीदारों के लिए महत्वपूर्ण है।
चांदी के भाव में कोई बदलाव नहीं
सोने के विपरीत चांदी की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। चांदी लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है।
30 सितंबर को भी चांदी का भाव 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था। यानी 1 अक्टूबर को चांदी खरीदने वालों के लिए कीमत में फिलहाल कोई नया बदलाव नहीं हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी का रुख
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों पर अमेरिकी डॉलर में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर देखने को मिल रहा है।
दिए गए बाजार आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना मामूली बढ़त के साथ करीब 4,190 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी में करीब 1.28 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 60.68 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही।
पिछले कारोबारी सत्र में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 1 फीसदी बढ़कर 4,145.26 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा था, जबकि चांदी 60.69 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर रही थी।
दिवाली से पहले क्या है सोने का ट्रेंड?
दिवाली और अन्य त्योहारों के दौरान भारत में सोने की खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में छोटी तेजी या गिरावट का सीधा असर ग्राहकों के खरीद बजट पर पड़ सकता है।
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हालांकि, सोने की कीमत केवल घरेलू मांग से तय नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत, डॉलर की चाल और अन्य वैश्विक बाजार कारक भी घरेलू भाव को प्रभावित करते हैं।






