Gold Price Today: 20 फरवरी को वैश्विक बाजार में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सर्राफा बाजार पर साफ दिखा. अमेरिका और ईरान के बीच तीखी बयानबाजी के चलते निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख किया, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोने में हल्की खरीदारी देखने को मिली और भाव करीब 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बने रहे. वहीं MCX सिल्वर भी मजबूती के साथ 2.43 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऊपर कारोबार करता दिखा.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 5010 डॉलर प्रति औंस के पार ट्रेड करता नजर आया, जिससे घरेलू कीमतों को भी सपोर्ट मिला.
ट्रंप की चेतावनी से बढ़ी अनिश्चितता
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को न्यूक्लियर डील को लेकर 10-15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि तय समय में समझौता नहीं होने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं.
इस बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है, जिससे निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाकर सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों में निवेश बढ़ाया.
भारत में सोने के ताजा भाव
आज देश में सोने की कीमतों में अच्छी खासी बढ़त दर्ज की गई:
- 24 कैरेट सोना: 1,55,620 रुपये प्रति 10 ग्राम (830 रुपये की तेजी)
- 22 कैरेट सोना: 1,42,652 रुपये प्रति 10 ग्राम (760.90 रुपये की बढ़त)
- 18 कैरेट सोना: 622.50 रुपये प्रति 10 ग्राम की उछाल
घरेलू बाजार में सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्पॉट रेट, अमेरिकी डॉलर की चाल और आयात शुल्क के आधार पर तय होती हैं.
दुबई से महंगा हुआ भारत का सोना
दिलचस्प बात यह है कि भारत में सोना दुबई के मुकाबले महंगा बिक रहा है.
- भारत में 24 कैरेट सोना: 1,55,620 रुपये प्रति 10 ग्राम
- दुबई में 24 कैरेट सोना: 1,47,844 रुपये प्रति 10 ग्राम
दोनों के बीच करीब 7,776 रुपये यानी लगभग 5.26% का अंतर है. यही अंतर 22 और 18 कैरेट सोने में भी देखने को मिल रहा है. इसमें ड्यूटी, टैक्स और अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं.
क्यों बढ़ीं सोने-चांदी की कीमतें?
1. डॉलर की मजबूती
जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य करेंसी रखने वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा हो जाता है. इससे मांग पर असर पड़ता है और कीमतों में उतार-चढ़ाव आता है.
2. फेडरल रिजर्व की नीति पर असमंजस
हाल ही में Federal Reserve की FOMC बैठक के मिनट्स से संकेत मिला कि ब्याज दरों में कटौती को लेकर नीति निर्माताओं के बीच मतभेद हैं.
हालांकि, CME फेडवॉच टूल के अनुसार बाजार इस साल कम से कम दो बार रेट कट की उम्मीद कर रहा है. आमतौर पर कम ब्याज दर के माहौल में सोना बेहतर प्रदर्शन करता है.
3. भू-राजनीतिक तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने सोने की सेफ-हेवन अपील को मजबूत किया है. जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं.
यह भी पढ़ें: जानें रानी लक्ष्मीबाई योजना के बारे में, जिसमें लड़कियों को मिलती है स्कूटी
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और डॉलर में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा, तब तक सोने-चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है.









