देशभर में चल रहे त्योहारी सीजन के बीच सोने की मांग में जबरदस्त इज़ाफा देखने को मिल रहा है, जिसका असर सीधे तौर पर इसकी कीमतों पर पड़ा है। 24 कैरेट सोने की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर को छू चुकी हैं और बुधवार को यह 1,14,360 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया था। हालांकि गुरुवार को इसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई और आज यानी शुक्रवार को इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार सोना 1,13,120 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
बढ़ती कीमतों के पीछे की वजहें
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दरों में कटौती की अटकलों ने वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ा है, जिसमें सोना सर्वोपरि माना जाता है। केडिया एडवाइजरी के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट अमित गुप्ता के अनुसार, अमेरिका की अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ती अनिश्चितताओं और रोजगार बाजार पर मंडराते संकट के कारण निवेशक सोने को एक सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। इसके साथ ही, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर में कमजोरी जैसे कारकों ने भी कीमतों को समर्थन दिया है।
शहरों में आज के सोने के भाव (रुपये प्रति 10 ग्राम)
| शहर | 24 कैरेट सोने का भाव |
|---|---|
| दिल्ली | ₹1,12,720 |
| मुंबई | ₹1,12,910 |
| बेंगलुरु | ₹1,13,000 |
| कोलकाता | ₹1,12,760 |
| चेन्नई | ₹1,13,240 |
चेन्नई में सोने की कीमत सबसे अधिक दर्ज की गई है, जबकि दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों में यह थोड़ी कम है। स्थानीय टैक्स, परिवहन लागत और मांग-आपूर्ति का अंतर कीमतों में भिन्नता का मुख्य कारण है।
चांदी भी महंगी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी बनी हुई है। आज चांदी का भाव ₹1,33,950 प्रति किलोग्राम है, जबकि बुधवार को यह ₹1,34,990 था। चांदी में भी निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है, खासकर इंडस्ट्रियल डिमांड और त्योहारों में चांदी से बनी वस्तुओं की मांग के चलते।
त्योहार और परंपरा से जुड़ी है सोने की मांग
भारत में सोना केवल एक धातु नहीं, बल्कि परंपरा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। दिवाली, धनतेरस, अक्षय तृतीया और विवाह जैसे शुभ अवसरों पर सोने की खरीद को सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यही सांस्कृतिक महत्व इसकी कीमतों को तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है।
निवेश के लिहाज़ से भी मजबूत विकल्प
महंगाई की मार झेल रहे आम निवेशकों के लिए सोना एक भरोसेमंद विकल्प बना हुआ है। जब शेयर बाजार में अनिश्चितता होती है, तब निवेशक अक्सर सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं। यही वजह है कि लंबे समय में सोना बेहतर रिटर्न देने वाला एसेट माना जाता है।
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त्योहारी सीजन की रौनक के बीच सोना और चांदी दोनों की चमक बढ़ती जा रही है। यदि आप निवेश या आभूषण खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा भाव और बाज़ार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना समझदारी होगी।









