प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देश की जनता को नवरात्रि की शुभकामनाओं के साथ-साथ GST 2.0 के लागू होने पर एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा। उन्होंने इस पत्र के माध्यम से ‘GST बचत उत्सव’ की शुरुआत की सराहना की और इसे भारत की आर्थिक यात्रा में एक नया अध्याय बताया।
नवरात्रि और बचत उत्सव की दोहरी शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र की शुरुआत में देशवासियों को शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्रि की बधाई दी। उन्होंने लिखा: “मेरी प्रार्थना है कि ये पर्व आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।”
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि इस वर्ष का त्योहार “GST बचत उत्सव” के रूप में और भी खास बन गया है, क्योंकि देशभर में जीएसटी 2.0 लागू हो चुका है।
आम जनता को मिलेगा बड़ा फायदा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नए GST सुधारों का लाभ किसान, महिला, युवा, गरीब, मध्यम वर्ग, व्यापारी और लघु उद्योगों सभी को मिलेगा।
उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब मुख्य रूप से दो टैक्स स्लैब ही होंगे और रोजमर्रा की जरूरी चीजें जैसे:
- खाद्य सामग्री
- दवाइयां
- साबुन
- टूथपेस्ट
अब या तो पूरी तरह टैक्स फ्री होंगी या सिर्फ 5% टैक्स के दायरे में रहेंगी।
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी घोषणा की कि हेल्थ इंश्योरेंस पर अब जीएसटी शून्य कर दिया गया है।
“अब घर बनाना, गाड़ी खरीदना और छुट्टियां मनाना होगा आसान”
पीएम मोदी ने कहा कि इस रिफॉर्म से आम जनता के सपनों को पूरा करना अब ज्यादा आसान होगा। “घर बनाना हो, गाड़ी लेनी हो, बाहर खाना खाना हो या छुट्टियां मनानी हों – सब अब और सस्ता होगा,” उन्होंने कहा।

‘पहले और अब’ के बोर्ड से बढ़ा विश्वास
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि कई दुकानदार अब ‘पहले और अब’ के बोर्ड लगाकर यह दिखा रहे हैं कि कैसे GST 2.0 के बाद सामान सस्ते हुए हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि 2017 में जब पहली बार GST लागू हुआ था, तब देश को अनेक टैक्स और टोल से राहत मिली थी। और अब यह नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म व्यवस्था को और सरल व पारदर्शी बना रहा है।
टैक्स में बड़ी राहत, बचेंगे 2.5 लाख करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री ने बताया कि
- 12 लाख रुपए तक की आय पर कोई आयकर नहीं लिया जा रहा।
- GST में दी गई रियायतों के साथ मिलाकर, देशवासियों के सालाना करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए की बचत होगी।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बल
मोदी ने पत्र में आत्मनिर्भर भारत की बात करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक देश को विकसित भारत बनाना है। “इसके लिए जरूरी है कि हम स्वदेशी को अपनाएं। चाहे ब्रांड या कंपनी कोई भी हो – अगर उसमें भारतीय श्रमिक की मेहनत है, तो वह स्वदेशी है।”
दुकानदारों और उपभोक्ताओं से स्वदेशी अपनाने की अपील
प्रधानमंत्री ने देश के दुकानदारों से अपील की कि वे स्वदेशी सामान बेचें और उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि जब भी खरीदारी करें तो ध्यान रखें कि वे देश के कारीगरों और श्रमिकों की मेहनत का समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “आइए गर्व से कहें – ये स्वदेशी है।”
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प्रधानमंत्री मोदी का यह पत्र सिर्फ एक सरकारी संदेश नहीं, बल्कि देश के नागरिकों को आर्थिक भागीदारी के लिए प्रेरित करने वाला आह्वान भी है। GST 2.0 के ज़रिए सरकार का लक्ष्य मूल्य में कमी, प्रक्रिया में सरलता और विकास में समावेशिता को बढ़ावा देना है।
अब देखना यह होगा कि इस ‘बचत उत्सव’ का असर बाज़ार और जनता के जीवन में कितना व्यापक रूप से दिखाई देता है।









