यह सम्मेलन कजाकिस्तान गणराज्य में शतरंज के विकास के लिए 2023-2027 की व्यापक योजना का हिस्सा है। इस योजना को देश के राष्ट्रपति के निर्देश पर सरकार ने मंजूरी दी थी। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शतरंज की पहुंच बढ़ाना, शिक्षकों को शतरंज शिक्षण की आधुनिक पद्धतियों से परिचित कराना और इसे देश की शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना है।
फिडे और अंतरराष्ट्रीय शतरंज जगत की प्रमुख हस्तियां होंगी शामिल
सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) और कजाकिस्तान चेस महासंघ के अध्यक्ष तिमुर तुरलोव हिस्सा लेंगे। उनके साथ चेस शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी अपने अनुभव साझा करेंगे।
प्रमुख वक्ताओं में दक्षिण अफ्रीका में चेस शिक्षा के वरिष्ठ प्रशिक्षक और FIDE के शतरंज शिक्षा आयोग के सदस्य एंजेल लाउबशर शामिल हैं। इसके अलावा वेबस्टर यूनिवर्सिटी के विजिटिंग एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जोनाथन क्वेस्ट भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे।
सीरिया शतरंज महासंघ के अध्यक्ष और शतरंज शिक्षा के FIDE व्याख्याता अली अब्बास तथा कैटलन शतरंज महासंघ के अध्यक्ष और शतरंज शिक्षा विशेषज्ञ रेमन चाल्मेटा उगास भी इस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इन विशेषज्ञों की भागीदारी से विभिन्न देशों में शतरंज शिक्षा के अनुभवों और प्रभावी तरीकों पर चर्चा का अवसर मिलेगा।
बच्चों के मानसिक विकास में शतरंज की भूमिका पर चर्चा
दो दिवसीय सम्मेलन में इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाएगा कि चेस विद्यार्थियों की संज्ञानात्मक क्षमताओं, तार्किक सोच, आलोचनात्मक चिंतन और गणितीय कौशल को विकसित करने में किस तरह मदद कर सकता है।
इसके साथ ही स्कूलों में चेस कार्यक्रमों को लागू करने के लिए हजारों शिक्षकों को प्रशिक्षित करने और शतरंज को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होगा।
सम्मेलन में शतरंज को महिलाओं और लड़कियों के बीच लोकप्रिय बनाने तथा शिक्षा में आधुनिक डिजिटल तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर रहेगा। इसका उद्देश्य शतरंज शिक्षा को अधिक व्यापक, प्रभावी और विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बनाना है।
पैनल चर्चा, प्रस्तुतियां और कार्यशालाएं होंगी आयोजित
सम्मेलन के दो दिवसीय कार्यक्रम में पैनल चर्चाओं, आधुनिक शैक्षणिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियों और विशेषज्ञों की ओर से व्यावहारिक कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
कजाकिस्तान के शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, शिक्षा पद्धति के जानकार और शिक्षक समुदाय के सदस्य स्कूलों में शतरंज को शामिल करने के अब तक के परिणामों पर चर्चा करेंगे। इसके साथ ही कार्यक्रम के विस्तार और भविष्य की रणनीति को लेकर सुझाव भी सामने रखे जाएंगे।
इस दौरान शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने, शतरंज आधारित शिक्षण पद्धतियों को बेहतर बनाने और स्कूलों में इन कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से लागू करने जैसे विषयों पर विचार किया जाएगा।
कजाकिस्तान में शतरंज शिक्षा को मिलेगी नई दिशा
अल्माटी में होने वाला यह सम्मेलन बच्चों और युवाओं की शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके माध्यम से शतरंज को केवल प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और सीखने की क्षमता को प्रोत्साहित करने वाले माध्यम के तौर पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
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सम्मेलन में होने वाली चर्चाओं और कार्यशालाओं से कजाकिस्तान के स्कूलों में चेस शिक्षा (Chess in Education) के विस्तार के लिए नए विचार और व्यावहारिक सुझाव मिलने की उम्मीद है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के अनुभवों से शिक्षकों के प्रशिक्षण और आधुनिक शैक्षणिक तकनीकों के इस्तेमाल को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।









