गांधी मंडेला फाउंडेशन ने संसद भवन ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में 97वें लोकसभा सचिवालय दिवस के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, इतिहास और कला का भव्य प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण कर रहे डॉ. राम मंजीभाई सावनी को सम्मानित किया।
भारत की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉ. राम मंजीभाई सावनी देश के अग्रणी धरोहर संरक्षण विशेषज्ञों में गिने जाते हैं। सावनी हेरिटेज कंज़र्वेशन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के रूप में उन्होंने देशभर में 400 से अधिक ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण और पुनरुद्धार का नेतृत्व किया है।
ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में अग्रणी भूमिका
डॉ. सावनी के नेतृत्व में जिन प्रमुख स्थलों का संरक्षण किया गया है, उनमें साबरमती आश्रम और सेल्युलर जेल जैसे ऐतिहासिक महत्व के स्थल शामिल हैं। ये दोनों स्थान भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय इतिहास से गहराई से जुड़े रहे हैं।

इन धरोहरों के संरक्षण से न केवल भारत की सांस्कृतिक पहचान मजबूत हुई है, बल्कि विरासत पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है। ऐतिहासिक स्थलों के पुनरुद्धार के माध्यम से नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली अतीत से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
धरोहर संरक्षण से राष्ट्रनिर्माण तक
डॉ. सावनी का कार्य केवल इमारतों के पुनरुद्धार तक सीमित नहीं है। उनके प्रयासों ने पारंपरिक कारीगरों और संरक्षण विशेषज्ञों के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी उत्पन्न किए हैं। पारंपरिक तकनीकों को पुनर्जीवित कर उन्होंने सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया है।
उनका दृष्टिकोण यह दर्शाता है कि धरोहर संरक्षण केवल अतीत को संजोने का माध्यम नहीं, बल्कि सतत विकास और राष्ट्रनिर्माण का प्रभावी साधन भी है।
सामाजिक प्रतिबद्धता और नैतिक नेतृत्व
डॉ. सावनी गांधी मंडेला फाउंडेशन के सक्रिय सदस्य हैं। वे सांस्कृतिक जागरूकता, राष्ट्रीय विरासत संरक्षण और मूल्य-आधारित नेतृत्व को बढ़ावा देने वाली पहलों से जुड़े रहे हैं। विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर उन्होंने युवा उद्यमियों और पेशेवरों को भारतीय मूल्यों पर आधारित उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व के लिए प्रेरित किया है।

लोकसभा सचिवालय की 97वीं वर्षगांठ पर सम्मान
धरोहर संरक्षण और राष्ट्रसेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. राम मंजीभाई सावनी को लोकसभा सचिवालय की 97वीं वर्षगांठ के अवसर पर सम्मानित किया गया। यह सम्मान माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा प्रदान किया गया। कार्यक्रम गांधी मंडेला फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था, जिसमें राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक प्रभाव के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया।
विरासत संरक्षण की प्रेरक मिसाल
डॉ. राम मंजीभाई सावनी का जीवन और कार्य यह संदेश देता है कि इतिहास का संरक्षण केवल स्मारकों की मरम्मत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय पहचान, बलिदान और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा है।
यह भी पढ़ें: रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण को नई दिशा दे रहे युवा उद्यमी साहिल लूथरा को लोकसभा अध्यक्ष से मिला सम्मान
उनकी प्रतिबद्धता और दूरदृष्टि ने यह सिद्ध किया है कि जब पेशेवर उत्कृष्टता नैतिक नेतृत्व और राष्ट्रहित से जुड़ती है, तब वह समाज और देश के भविष्य को सशक्त बनाने का माध्यम बन जाती है।

इस अवसर पर गणमान्य व्यक्तियों में अधिवक्ता नंदन झा (महासचिव, जीएमएफ), उत्पल कुमार सिंह (लोकसभा महासचिव) एवं अन्य उपस्थित थें।









