देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने बजट 2026 में ग्रामीण विकास, कृषि, उद्योग और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट “विकसित महाराष्ट्र” की दिशा में एक अहम कदम है और राज्य देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर जोर
सरकार ने किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई नई योजनाएं शुरू करने का ऐलान किया है। इसके तहत मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमी योजना शुरू की जाएगी, जिससे पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
इसके अलावा रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए महाराष्ट्र प्राकृतिक खेती अभियान भी चलाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक और टिकाऊ खेती के लिए प्रोत्साहित करना है।
मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना लागू की जाएगी, जबकि किसानों को खेतों तक आसानी से पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री बलीराजा खेत पगडंडी सड़क योजना के तहत खेतों तक जाने वाले रास्तों का विकास किया जाएगा।
एग्री स्टैक से बनेगी किसानों की डिजिटल पहचान
राज्य सरकार ने कृषि क्षेत्र में एग्री स्टैक योजना लागू करने की भी घोषणा की है। इसके तहत किसानों की एक विशेष पहचान प्रणाली बनाई जाएगी, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंच सकेगा।
सरकार के मुताबिक अब तक करीब 1 करोड़ से अधिक किसानों की आईडी तैयार की जा चुकी है, और इस योजना के जरिए महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है जहां किसानों की डिजिटल पहचान प्रणाली पूरी तरह लागू होगी।

सड़क और परिवहन परियोजनाओं को बढ़ावा
इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण को मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत अब तक लगभग 30 हजार गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ा जा चुका है।
करीब 2450 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पूरा हो चुका है और हजारों पुलों का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही मुंबई–पुणे ट्रेन परियोजना के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
किसानों और मजदूरों के लिए नई सुविधाएं
सरकार ने गोपीनाथ मुंडे दुर्घटना योजना में खेत मजदूरों को भी शामिल करने का फैसला किया है। इसके अलावा लाखों किसानों को मौसम और बाजार भाव की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य के चार कृषि विश्वविद्यालयों में आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से कृषि अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उद्योग क्षेत्र में बड़े निवेश की योजना
सरकार ने राज्य की नई निवेश नीति का भी ऐलान किया है। इसके तहत हर जिले में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) केंद्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य लगभग 50 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है।
राज्य में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए मुंबई और पुणे में 50 अरब डॉलर के निवेश केंद्र विकसित करने की योजना बनाई गई है। वहीं गढ़चिरौली को नया इस्पात केंद्र बनाने की योजना है, जहां करीब 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 70 हजार रोजगार पैदा होने की संभावना जताई गई है।
पर्यटन और क्रिएटिव इंडस्ट्री को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन क्षेत्र में वासोटा किला (सातारा) तक पर्यटकों की सुविधा के लिए रोपवे परियोजना विकसित की जाएगी। इसके अलावा नागपुर के रामटेक में तीसरी “चित्रसृष्टी” स्थापित करने की योजना है।
क्रिएटिव सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी शुरू किया जाएगा। साथ ही गेमिंग उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य में 295 से अधिक गेमिंग स्टूडियो स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।
शहरी विकास और नई शहर परियोजनाएं
सरकार ने कहा कि आने वाले समय में राज्य की लगभग 70 प्रतिशत आबादी शहरी क्षेत्रों में रहने लगेगी, इसलिए शहरी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर दिया जाएगा।
इसके साथ ही मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तीन स्टेशन वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उरण को “तीसरी मुंबई” के रूप में विकसित किया जाएगा, जबकि वधावन को “चौथी मुंबई” बनाने की योजना सामने रखी गई है।
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मुंबई महानगर क्षेत्र में करीब 10 लाख नए घर बनाने और अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए भी रोडमैप तैयार किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इन योजनाओं के जरिए राज्य में संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और महाराष्ट्र देश की आर्थिक प्रगति में और मजबूत भूमिका निभाएगा।









