महाराष्ट्र सरकार को ‘मागेल त्याला सोलर कृषि पंप योजना’ के तहत बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। राज्य में महावितरण द्वारा एक माह के भीतर 45,911 सोलर कृषि पंप स्थापित किए जाने पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि का हिस्सा बनने वाले नेताओं और अधिकारियों ने इसे राज्य तथा किसानों दोनों के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
स्वच्छ ऊर्जा से बदली किसानों की तस्वीर
कार्यक्रम में बोलते हुए राज्य नेतृत्व ने कहा कि यह उपलब्धि न सिर्फ महाराष्ट्र की तकनीकी क्षमता को दर्शाती है, बल्कि उन किसानों की बदलती जिंदगी का प्रमाण भी है, जो अब स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा के जरिए सिंचाई की बेहतर सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं। यह मील का पत्थर ऐसे समय आया है जब महायुति सरकार अपने कार्यकाल का एक वर्ष पूरा कर रही है, जिससे तेज और समावेशी विकास के संकल्प को और मजबूती मिली है।
ऑफ-ग्रिड सोलर पंप में देश में नंबर-1 महाराष्ट्र
राज्य सरकार ने बताया कि महाराष्ट्र आज देश का अग्रणी राज्य है जहां ऑफ-ग्रिड सोलर पंपों की संख्या सबसे अधिक है। इससे सिंचाई व्यवस्था मजबूत हुई है, कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है और किसानों की आमदनी बढ़ी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई पीएम-कुसुम योजना ने राज्य में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई को गति दी है। आज देश के कुल 9.5 लाख कुसुम पंपों में से 7 लाख महाराष्ट्र में हैं, यानी लगभग 65% हिस्सा।
इन पंपों के माध्यम से किसानों को सालभर दिन में बिजली उपलब्ध हो रही है, 25 वर्ष तक बिजली बिल नहीं देना पड़ता और एक वर्ष में तीन फसलों की खेती संभव हो पाती है।
गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड और एआईआईबी का आभार
राज्य सरकार ने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स संस्था और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) के सहयोग के लिए आभार जताया। महावितरण की इस उपलब्धि के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी गई।
अब लक्ष्य—अपना ही रिकॉर्ड तोड़ना
सरकार ने घोषणा की कि इस उपलब्धि को और आगे बढ़ाते हुए जल्द ही सोलर पंप स्थापना क्षमता को दोगुना किया जाएगा। साथ ही वर्ष के अंत तक किसानों को सौर बिजली आपूर्ति के लिए एक अलग कंपनी स्थापित करने की तैयारी भी चल रही है।
यह भी पढ़ें: बिहार में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण की रफ्तार बढ़ी
सरकार का लक्ष्य है कि महाराष्ट्र सौर ऊर्जा आधारित कृषि सिंचाई में देश के लिए लगातार नए मानक स्थापित करे और किसानों को सशक्त बनाने वाली योजनाओं का विस्तार करे।









