कनाडा क्रिकेट टीम के हेड कोच मोंटी देसाई ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। खास बात यह है कि इसी साल मई में उन्हें दूसरी बार कनाडा की राष्ट्रीय टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था, लेकिन उनका दूसरा कार्यकाल करीब तीन महीने ही चला।
मोंटी देसाई ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। उनका इस्तीफा ऐसे समय आया है जब कनाडाई क्रिकेट पहले से ही भ्रष्टाचार और मैच फिक्सिंग से जुड़े आरोपों के कारण जांच के दौर से गुजर रहा है।
मोंटी देसाई ने इस्तीफे पर क्या कहा?
अपने सोशल मीडिया संदेश में मोंटी देसाई ने कनाडा के साथ अपने दूसरे कार्यकाल को छोटा लेकिन महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हर परिस्थिति इंसान को कुछ नया सिखाती है और कनाडा के साथ बिताए समय ने उनके इस विश्वास को और मजबूत किया कि लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन भरोसे, सही समय, मजबूत रिश्तों, तैयारी और टीमवर्क से हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ का आभार जताते हुए कहा कि इस सफर के दौरान बने रिश्ते और मिले अनुभव उनके लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
देसाई ने कनाडाई क्रिकेट के भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं और टीम के साथ काम करने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया।
मई 2026 में दूसरी बार बने थे हेड कोच
मोंटी देसाई को इसी साल मई में कनाडा क्रिकेट टीम की कमान दूसरी बार सौंपी गई थी। हालांकि, इस बार उनका कार्यकाल ज्यादा लंबा नहीं चला।
उनका इस्तीफा ऐसे दौर में आया है जब कनाडाई क्रिकेट प्रशासन और राष्ट्रीय टीम से जुड़े कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में कोच का पद छोड़ना टीम के लिए एक और चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
कनाडा क्रिकेट पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप
कनाडाई क्रिकेट से जुड़े विवादों के बीच ICC की एंटी-करप्शन यूनिट ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की जांच शुरू की थी।
इसके बाद क्रिकेट कनाडा के सामने प्रशासनिक और वित्तीय स्तर पर भी मुश्किलें बढ़ीं। रिपोर्ट के मुताबिक ICC की ओर से बोर्ड की फंडिंग पर रोक लगाई गई और उसकी एसोसिएट सदस्यता भी निलंबित की गई।
कनाडा क्रिकेट की बहाली के लिए कुछ शर्तें रखे जाने की बात भी सामने आई थी। इन घटनाक्रमों के बीच मोंटी देसाई का इस्तीफा टीम और बोर्ड के लिए नई चुनौती बन गया है।
मोंटी देसाई का रहा है लंबा कोचिंग अनुभव
मोंटी देसाई क्रिकेट कोचिंग के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी टीमों के साथ काम कर चुके हैं।
उनके अनुभव में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच के तौर पर काम करना भी शामिल है। इसके अलावा 2019 में वह यूएई के बैटिंग कोच रहे।
इंडियन प्रीमियर लीग में भी देसाई राजस्थान रॉयल्स और गुजरात लायंस जैसी टीमों के साथ काम कर चुके हैं।
कनाडाई क्रिकेट के सामने कई चुनौतियां
मोंटी देसाई के इस्तीफे के बाद कनाडा क्रिकेट के सामने अब सिर्फ नए हेड कोच की नियुक्ति की चुनौती नहीं है। टीम और बोर्ड को भ्रष्टाचार संबंधी आरोपों, ICC के साथ संबंधों और क्रिकेट प्रशासन को लेकर उठ रहे सवालों का भी सामना करना होगा।
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ऐसे में आने वाले समय में क्रिकेट कनाडा की ओर से नए कोच और टीम के भविष्य को लेकर क्या फैसला लिया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।









