बिहार में शिक्षा और शिक्षक भर्ती को लेकर चल रहे विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब पटना के गर्दनीबाग में छात्र और शिक्षक अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि चर्चा के दौरान राज्य के मॉडल स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने, शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
हालांकि, धरने पर बैठे TRE-4 अभ्यर्थियों को बैठक से अपनी मांगों पर निर्णय की उम्मीद थी, लेकिन बैठक में उनकी प्रमुख मांगों पर कोई फैसला सामने नहीं आया।
मॉडल स्कूलों को लेकर CM सम्राट चौधरी ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री के मुताबिक, लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में हुई बैठक में राज्य के मॉडल स्कूलों यानी सरस्वती विद्या निकेतन की शैक्षणिक व्यवस्था की समीक्षा की गई।
उन्होंने अधिकारियों को स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता और विद्यार्थियों के लिए आधुनिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सरकार की ओर से मॉडल स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए कई कदमों पर जोर दिया गया है।
‘एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल’ व्यवस्था पर जोर
बैठक में ‘एक अधिकारी-एक मॉडल स्कूल’ व्यवस्था को लागू करने पर भी चर्चा हुई। इसके तहत अधिकारियों को मॉडल स्कूलों की जिम्मेदारी देने की बात कही गई है।
इसके अलावा प्रत्येक तीन महीने में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित करने और स्कूल के पूर्व विद्यार्थियों के साथ संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
सरकार का उद्देश्य स्कूल प्रबंधन, अभिभावकों और पूर्व विद्यार्थियों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर विद्यार्थियों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करना है।
JEE-NEET की तैयारी के लिए बेहतर मार्गदर्शन
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने पर भी जोर दिया। खास तौर पर JEE और NEET जैसी परीक्षाओं के लिए बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही अधिक से अधिक विद्यार्थियों को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ई-लर्निंग और 24×7 इंटरैक्टिव डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म से जोड़ने की बात कही गई है।
गर्दनीबाग में धरने पर TRE-4 अभ्यर्थी
वहीं, पटना के गर्दनीबाग में शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। TRE-4 अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से जुड़े कई बदलावों की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में:
- दो चरणों की जगह एक परीक्षा कराने की मांग
- परीक्षा से निगेटिव मार्किंग हटाने की मांग
- बदलावों को TRE-4 के बजाय TRE-5 से लागू करने की मांग
- शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
शामिल है।
TRE-4 के नोटिफिकेशन में प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के जरिए चयन प्रक्रिया का प्रावधान किया गया है। इसी को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष है।
बैठक से छात्रों को थी बड़ी उम्मीद
शिक्षा विभाग की बैठक ऐसे समय बुलाई गई थी जब बड़ी संख्या में छात्र और शिक्षक अभ्यर्थी गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद थी कि सरकार बैठक के दौरान उनकी मांगों को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकती है।
हालांकि, बैठक के बाद मुख्यमंत्री की ओर से जारी जानकारी में मॉडल स्कूलों, शिक्षकों, डिजिटल शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया। TRE-4 अभ्यर्थियों की मांगों पर किसी फैसले की घोषणा नहीं की गई।
इससे प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को तत्काल राहत नहीं मिली है।
मीसा भारती ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
इस बीच आरजेडी सांसद मीसा भारती ने भी बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्य में शिक्षा की स्थिति चिंताजनक है और परीक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान मिलकर निकालना जरूरी है।
उन्होंने परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा के बाद सामने आने वाली विभिन्न समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि परीक्षाएं समय पर हों और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
अब सरकार के अगले कदम पर नजर
एक तरफ सरकार मॉडल स्कूलों और डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षक अभ्यर्थी TRE-4 की चयन प्रक्रिया को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
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ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों पर कब बातचीत करती है और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर क्या अगला निर्णय लिया जाता है।









