बिहार सरकार में विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कैबिनेट का विस्तार हुआ है। राज्यपाल ने शाम चार बजे बिहार के नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में खास बात यह रही कि सभी सात मंत्री बीजेपी के कोटे से बनाए गए। वहीं, इस विस्तार से पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
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सात नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण
नीतीश कुमार की सरकार में जिन सात मंत्रियों ने शपथ ली, उनमें बीजेपी के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हुए नेता शामिल हैं। इन नेताओं में सुनील कुमार, जीवेश मिश्रा, राजू कुमार सिंह, मोतीलाल प्रसाद, कृष्ण कुमार मंटू, विजय कुमार मंडल, और संजय सरावगी का नाम शामिल है। सभी नए मंत्री बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से आते हैं और विभिन्न जातीय समूहों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
1. सुनील कुमार
सुनील कुमार पेशे से डॉक्टर हैं और वह 2005 और 2010 में जेडीयू के विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2013 में बीजेपी जॉइन की थी। वर्तमान में वह बिहारशरीफ से बीजेपी के विधायक हैं और कुशवाह समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
2. जीवेश मिश्रा
जीवेश मिश्रा पहले भी नीतीश कुमार की कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। वह दरभंगा जिले के जाले विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और मैथिली में शपथ ली। उन्होंने 2020 से 2022 तक श्रम मंत्री के रूप में कार्य किया था और भूमिहार जाति से आते हैं।
3. राजू कुमार सिंह
राजू कुमार सिंह की राजनीतिक यात्रा लोकजनशक्ति पार्टी से शुरू हुई थी। बाद में उन्होंने 2022 में VIP से चुनाव लड़ा और जीते। कुछ समय बाद वह बीजेपी में शामिल हो गए। वह साहेबगंज से विधायक हैं और राजपूत समुदाय से हैं।
4. मोतीलाल प्रसाद
मोतीलाल प्रसाद, जो रीगा से बीजेपी विधायक हैं, तेली समुदाय से आते हैं। वह दो बार विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं।
5. कृष्ण कुमार मंटू
कृष्ण कुमार मंटू सारण जिले के अमनौर विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक हैं। वह 2015 और 2020 में चुनाव जीतने के बाद मंत्री बने हैं। मंटू कुर्मी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
6. विजय कुमार मंडल
विजय कुमार मंडल ने 1995 में भारतीय प्रगतिशील पार्टी से चुनाव जीते थे। इसके बाद 2015 और 2020 में बीजेपी के टिकट पर वह सिकटी सीट से विधायक बने।
7. संजय सरावगी
दरभंगा के बीजेपी विधायक संजय सरावगी ने मैथिली में शपथ ली। वह एक महत्वपूर्ण नेता माने जाते हैं और बिहार के विभिन्न राजनीतिक क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं।
मंत्रियों के विभागों में बदलाव
माना जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार के बाद कई मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, जिन मंत्रियों के पास एक से अधिक विभाग हैं, उनके विभागों का पुनर्विभाजन किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के पास तीन विभाग हैं, वहीं संतोष सुमन के पास भी तीन विभाग हैं। इसके अलावा, मंगल पांडेय, नीतीश मिश्रा और प्रेम कुमार के पास दो-दो विभाग हैं।
दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद छोड़ा
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने मंत्री पद छोड़ दिया है। बीजेपी में ‘एक नेता एक पद’ के सिद्धांत का पालन किया जाता है, और इस सिद्धांत के तहत एक व्यक्ति एक से अधिक महत्वपूर्ण पदों पर नहीं रह सकता। सम्राट चौधरी को उपमुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ना पड़ा था, और अब दिलीप जायसवाल ने भी मंत्री पद छोड़ दिया है।
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नीतीश कुमार की सरकार का कैबिनेट विस्तार आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पार्टी का जातीय समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। सात नए मंत्रियों के शामिल होने से बीजेपी को भी राज्य में अपनी स्थिति को मजबूत करने का मौका मिलेगा।