ऑनलाइन गेमिंग बिल: ऑनलाइन मनी गेमिंग पर लगाम कसने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ‘ऑनलाइन गेमिंग प्रोत्साहन और विनियमन विधेयक, 2025’ लोकसभा में बिना चर्चा के पारित कर दिया गया। विधेयक पारित होते ही लोकसभा की कार्यवाही को गुरुवार, 21 दिसंबर को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
विधेयक पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे समाज के हित में उठाया गया निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन मनी गेमिंग आज एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है, जिससे कई परिवार उजड़ गए हैं, और देशभर में आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।
मंत्री वैष्णव ने दिए चिंताजनक आंकड़े
केंद्रीय मंत्री ने कर्नाटक की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 32 महीनों में कई गंभीर घटनाएं दर्ज की गई हैं जिनमें आतंकी वित्तपोषण, मनी लॉन्ड्रिंग और सामाजिक विघटन जैसे गंभीर पहलू सामने आए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी रिपोर्ट में ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी लत को एक मानसिक विकार घोषित किया है।
समाज बनाम रेवेन्यू: प्रधानमंत्री की प्राथमिकता स्पष्ट
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस विधेयक को लाने के पीछे सरकार की मंशा स्पष्ट है — जब बात सरकार के राजस्व और समाज के हित में से किसी एक को चुनने की आती है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा समाज को प्राथमिकता देते हैं। यही दृष्टिकोण इस कानून में भी परिलक्षित होता है।
ऑनलाइन गेमिंग को मिलेगा प्रोत्साहन, लेकिन सीमाओं के भीतर
मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सरकार ऑनलाइन गेमिंग को प्रोत्साहन देना चाहती है, लेकिन उस सेगमेंट को नहीं जो समाज में बर्बादी ला रहा है। सरकार ई-स्पोर्ट्स, शिक्षा व मनोरंजन आधारित गेम्स को बढ़ावा देने के पक्ष में है, लेकिन मनी गेमिंग के नाम पर लालच, धोखाधड़ी और व्यसन फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधेयक में क्या है खास?
- सभी प्रकार के ऑनलाइन मनी गेम्स पर पूर्ण प्रतिबंध, चाहे वे कौशल आधारित हों या संयोग पर।
- तीन साल तक की सजा या ₹1 करोड़ जुर्माना, और दोहराए गए अपराध पर सख्त सजा का प्रावधान।
- बैंक और पेमेंट गेटवे पर भी जिम्मेदारी — मनी गेमिंग से जुड़े ट्रांजेक्शन को रोकने का निर्देश।
- ई-स्पोर्ट्स और सामाजिक खेलों को मान्यता और प्रोत्साहन का वादा।
विपक्ष का विरोध, लेकिन चर्चा का अवसर नहीं मिला
हालांकि यह विधेयक विवाद का विषय रहा है और विपक्ष की ओर से बहस की मांग की जा रही थी, लेकिन सरकार ने इसे बिना चर्चा के पारित करवा दिया।
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ऑनलाइन गेमिंग विधेयक, 2025 का लोकसभा से पारित होना केंद्र सरकार की डिजिटल स्पेस में नैतिक और सामाजिक नियंत्रण की दिशा में एक मजबूत पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें राज्यसभा की प्रक्रिया और संभावित कानूनी चुनौतियों पर टिकी हैं।









