No Helmet, No Petrol : देश में बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने नई मुहिम चलाई है। इंदौर ज़िले में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को इस संबंध में एक आदेश जारी किया।
यह आदेश एक बैठक के बाद जारी किया गया, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अभय मनोहर सप्रे द्वारा निर्देश दिए गए थे।
बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं अभियान शुरू
जस्टिस सप्रे (सेवानिवृत्त) ने निर्देश दिया कि इंदौर में दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनना अनिवार्य किया जाए और कार में बैठने वाले सभी यात्रियों को सीट बेल्ट बांधना सुनिश्चित किया जाए।
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इसी के तहत इंदौर ज़िले के कलेक्टर आशीष सिंह ने मीडिया को बताया, ‘इन निर्देशों को ध्यान में रखते हुए एक प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है, जिसके अनुसार 1 अगस्त से बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल नहीं दिया जाएगा।’
आदेश का उल्लंघन करने पर सजा
यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। यदि किसी पेट्रोल पंप द्वारा इसका उल्लंघन किया गया, तो संबंधित पंप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें एक वर्ष तक की जेल, ₹5,000 तक का जुर्माना या दोनों की सज़ा हो सकती है।
इंदौर में ट्रैफिक नियमों की स्थिति पर हाईकोर्ट की नाराज़गी
हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इंदौर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों के खुलेआम उल्लंघन पर नाराज़गी जताई थी और सख्त कदम उठाने की ज़रूरत पर बल दिया था।
वाहनों की संख्या इंदौर में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) प्रदीप शर्मा के अनुसार, 1950 से अब तक इंदौर ज़िले में लगभग 32 लाख वाहन रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जिनमें से 16 लाख दोपहिया वाहन हैं। वर्तमान में इंदौर की सड़कों पर लगभग 21 लाख वाहन चल रहे हैं।









