Sardar Vallabhbhai Patel’s 150th birth anniversary: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर कहा कि भारत का अपने दुश्मनों के प्रति जवाब अब निर्णायक, मजबूत और पूरी दुनिया के सामने स्पष्ट है।
गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साफ संदेश दिया है कि, ‘भारत दुश्मन के घर में घुसकर वार करने की क्षमता रखता है।’
उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पूरे विश्व ने देखा कि अगर कोई भारत की ओर आंख उठाकर देखता है तो ‘भारत घर में घुसकर मारता है। आज पाकिस्तान और आतंकवाद के सरपरस्त अच्छी तरह जानते हैं कि भारत की असली ताकत क्या है।’ प्रधानमंत्री ने देश की इस सशक्त सुरक्षा नीति को सरदार पटेल के उस विज़न से जोड़ा, जिसमें उन्होंने एक आत्मसम्मानी और एकजुट भारत की कल्पना की थी।
150 रुपये का स्मारक सिक्का और एक डाक टिकट जारी
जयंती की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के सम्मान में 150 रुपये का स्मारक सिक्का और एक डाक टिकट जारी किया।
उन्होंने केवड़िया में 1,219 रुपये करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया, जिनमें बिरसा मुंडा भवन, एक आतिथ्य क्षेत्र (हॉस्पिटैलिटी डिस्ट्रिक्ट), जीएसईसी और एसएसएनएनएल कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर, और एक बोनसाई गार्डन शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने आने वाले पर्यटकों के लिए पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केवड़िया में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को भी हरी झंडी दिखाई।
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प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) के मंच से कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘कांग्रेस ने पटेल के विज़न को भुला दिया है।’ उन्होंने कहा कि, ‘पटेल के आदर्शों ने देश को न सिर्फ बाहरी खतरों से बल्कि आंतरिक चुनौतियों जैसे नक्सलवाद और घुसपैठ से निपटने की दिशा भी दिखाई है।’
मोदी ने कहा, ‘2014 से पहले नक्सलियों का आधा देश पर शासन जैसा हाल था। स्कूल, कॉलेज और अस्पताल उड़ा दिए जाते थे, प्रशासन बेबस था। हमने अर्बन नक्सलियों पर सख्त कार्रवाई की और आज नतीजे सामने हैं, पहले जहां 125 जिले प्रभावित थे, अब सिर्फ 11 बचे हैं, और नक्सली गतिविधियां महज़ तीन जिलों तक सीमित हैं।’
प्रधानमंत्री ने घुसपैठ को भारत की एकता के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा, ‘वोट बैंक की राजनीति के लिए पिछली सरकारों ने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया। जो लोग घुसपैठियों के लिए लड़ते हैं, उन्हें इस बात की परवाह नहीं कि इससे देश कमजोर होता है। लेकिन जब राष्ट्र की सुरक्षा और पहचान पर खतरा होता है, तो हर नागरिक पर खतरा होता है।’
उन्होंने दोहराया, ‘हमें संकल्प लेना होगा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे हर एक घुसपैठिए को हटाया जाए।’ अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने पटेल के ‘विविधता में एकता’ के संदेश को दोहराया। उन्होंने कहा, ‘एक एकजुट भारत में विचारों की विविधता का सम्मान होना चाहिए। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होने चाहिए।’
अपने भाषण से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित की और उपस्थित जनसमूह को ‘एकता दिवस की शपथ’ दिलाई। राष्ट्रीय एकता दिवस हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है, ताकि स्वतंत्रता के बाद भारत के एकीकरण में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया जा सके।









