Jaya Bachchan In Rajya Sabha: संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर चल रही बहस के बीच, समाजवादी पार्टी की सांसद और अभिनेत्री जया बच्चन ने राज्यसभा में एक अलग ही माहौल बना दिया। अपने भाषण के दौरान जब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की, तो जया बच्चन भड़क उठीं और कहा, ‘प्रियंका, मुझे कंट्रोल मत करो।’ यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रियंका चतुर्वेदी अपनी हंसी नहीं रोक पाईं।
यह वाकया तब हुआ जब जया बच्चन राज्यसभा में बोल रही थीं और बीजेपी सांसद बार-बार उनके भाषण में बाधा डाल रहे थे। इससे नाराज़ होकर उन्होंने कहा, ‘या तो आप बोलिए या मैं बोलूं। मैं इसे बर्दाश्त नहीं करूंगी। जब आप बोलते हैं, मैं बीच में नहीं बोलती। जब कोई महिला बोलती है, मैं बीच में नहीं बोलती। इसलिए, ज़रा अपनी जुबान संभालिए।’
सदन की अध्यक्षता कर रहे बीजेपी सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने उन्हें शांत करते हुए कहा, जया जी, आप चेयर को संबोधित कीजिए। आप जो कुछ कहेंगी, वह रिकॉर्ड में जाएगा।’
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इस बीच, बगल में बैठीं प्रियंका चतुर्वेदी ने जया बच्चन को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन जया ने तुरंत पलटकर कहा, ‘प्रियंका, मुझे कंट्रोल मत करो।’ यह सुनते ही प्रियंका मुस्कुरा पड़ीं, और खुद जया बच्चन भी कुछ सेकंड बाद मुस्कुरा दीं, लेकिन फिर तुरंत अपने तेवर में लौट आईं और सरकार पर हमला तेज़ कर दिया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर जया बच्चन का सवाल
राज्यसभा में जया बच्चन ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले में कई महिलाओं का ‘सिंदूर मिट गया।’
उन्होंने कहा, ‘मैं उन सभी परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं जिनके परिजन इस हमले में मारे गए। यह सब किसी फिक्शन जैसा लगता है… जैसे कोई किताब या फिल्म हो, जिसमें आतंकी आए, इतने लोगों को मार दिया और कोई कार्रवाई नहीं हुई। ये अवास्तविक है।’
फिर उन्होंने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘मैं आपको बधाई देती हूं कि आपके पास इतने महान लेखक हैं जो इतने भव्य नाम सोचते हैं। लेकिन आपने इसका नाम ‘सिंदूर’ क्यों रखा? जिन महिलाओं ने अपने पति खो दिए, उनके माथे से सिंदूर तो मिट गया।’
उन्होंने खुफिया तंत्र की विफलता पर सवाल उठाया और कहा, ‘आपने उन लोगों के विश्वास और भरोसे को तोड़ दिया, जिनसे आपने वादे किए थे। आपने उन्हें सुरक्षित रखने की ज़िम्मेदारी निभाने में असफलता दिखाई है।’
जया बच्चन के इस भावनात्मक और आक्रोश से भरे भाषण ने संसद के गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक बहस को और तेज़ कर दिया है।









