राजस्थान की राजनीति में अहम बदलाव करते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने दो से अधिक बच्चों वाले लोगों पर स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव लड़ने की पाबंदी हटाने का फैसला किया है। यह निर्णय बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
सरकार इस प्रस्ताव को मौजूदा विधानसभा सत्र में पेश कर कानून का रूप देगी। कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी आधिकारिक जानकारी दी।
क्या था पहले नियम?
अब तक राजस्थान में दो से अधिक संतान वाले व्यक्तियों को नगर निकाय और पंचायत चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं थी। यह नियम जनसंख्या नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया था।
कैबिनेट के ताजा फैसले के बाद यह पाबंदी हट जाएगी, जिससे अधिक लोगों को चुनावी राजनीति में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने दी सफाई
कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि समाज में अब जागरूकता बढ़ चुकी है और आर्थिक रूप से सक्षम लोग अपने बच्चों का पालन-पोषण बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी विचारधारा, खासकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से प्रभावित नहीं है। उनके मुताबिक, अगर सरकार किसी एजेंडे पर काम कर रही होती तो नियम को और कड़ा बनाया जा सकता था।
कांग्रेस ने साधा निशाना
विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस फैसले की आलोचना की है। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार वैचारिक एजेंडे के तहत निर्णय ले रही है।
राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह विधानसभा में भी चर्चा का केंद्र बन सकता है।
कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य बड़े फैसले
राजस्थान मंत्रिमंडल ने इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी:
1. आयुर्वेद विश्वविद्यालय विधेयक को मंजूरी
अजमेर में राजस्थान आयुर्वेद, योग तथा नेचुरोपैथी विश्वविद्यालय के गठन के लिए विधेयक-2026 के प्रारूप को स्वीकृति दी गई। यह घोषणा बजट वर्ष 2024-25 में की गई थी।
2. औद्योगिक निवेश को बढ़ावा
राज्य को औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए राजस्थान औद्योगिक पार्क प्रोत्साहन नीति-2026 के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई।
3. ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग में नया पद
पदोन्नति के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से वरिष्ठ ग्राम विकास अधिकारी के नए पद सृजन को हरी झंडी दी गई।
4. आर्थिक अपराधों पर सख्ती
राजस्व आसूचना एवं आर्थिक अपराध निदेशालय के गठन का निर्णय लिया गया, जिससे वित्तीय अपराधों पर प्रभावी रोकथाम और त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।
5. सौर ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी
राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए तीन जिलों में चार सौर ऊर्जा परियोजनाओं हेतु भूमि आवंटन को मंजूरी दी गई।
क्या बदलेगा इस फैसले से?
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, दो से ज्यादा बच्चों वाले उम्मीदवारों पर से प्रतिबंध हटने से स्थानीय राजनीति में नए चेहरे सामने आ सकते हैं। साथ ही यह फैसला सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर व्यापक चर्चा का विषय बन सकता है।
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अब सभी की नजर इस बात पर है कि विधानसभा में यह विधेयक किस तरह पारित होता है और विपक्ष इसका किस प्रकार विरोध या समर्थन करता है।









