भारत के विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत को हेडिंग्ले टेस्ट में दो शतक लगाने के बावजूद उनकी ऑन-फील्ड हरकत के कारण आधिकारिक रूप से चेतावनी दी गई है। इंग्लैंड की पहली पारी के दौरान उन्होंने अंपायर के फैसले पर असहमति जताई, जिसके चलते उन्हें आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.8 के उल्लंघन का दोषी पाया गया।
यह अनुच्छेद अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायर के फैसले पर असहमति दिखाने से संबंधित है। पंत की यह 24 महीनों में पहली गलती थी, इसलिए उनके रिकॉर्ड में केवल एक डिमेरिट प्वाइंट जोड़ा गया है।
क्या हुआ था मैदान पर?
इंग्लैंड की पारी के 61वें ओवर के दौरान, जब हैरी ब्रूक और बेन स्टोक्स बल्लेबाज़ी कर रहे थे, तब पंत ने गेंद की हालत को लेकर अंपायरों से चर्चा की। जब अंपायरों ने गेंद गेज से जांच करने के बाद उसे बदलने से इनकार किया, तो पंत ने गुस्से में गेंद ज़मीन पर फेंक दी, जिससे उनका असंतोष साफ नजर आया।
नहीं हुई सुनवाई, स्वीकार की गलती
इस मामले में कोई औपचारिक सुनवाई नहीं हुई, क्योंकि पंत ने अपना दोष स्वीकार कर लिया और आईसीसी मैच रेफरी रिची रिचर्डसन द्वारा प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया। मामले की रिपोर्ट ऑन-फील्ड अंपायर क्रिस गफ़ैनी और पॉल राइफल, तीसरे अंपायर शरफुद्दौला इब्ने शाहिद, और चौथे अंपायर माइक बर्न्स द्वारा की गई थी।

लेवल 1 का उल्लंघन और संभावित सज़ा
आईसीसी के मुताबिक, लेवल 1 उल्लंघन के तहत खिलाड़ी को आधिकारिक चेतावनी, अधिकतम 50% मैच फीस की कटौती, और एक या दो डिमेरिट प्वाइंट मिल सकते हैं। पंत को इस मामले में सबसे न्यूनतम सजा दी गई है।
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टेस्ट मुकाबला रोमांचक मोड़ पर
लीड्स टेस्ट अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। इंग्लैंड को 350 रनों की ज़रूरत है और उनके सभी 10 विकेट शेष हैं। मुकाबले का पांचवां दिन निर्णायक साबित हो सकता है।









