जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित इंडियनऑयल नई दिल्ली 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप्स में भारत के पैरा एथलीटों ने जबरदस्त प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन किया। सबसे खास रहा शैलेश कुमार का स्वर्ण पदक, जो उन्होंने पुरुषों की ऊँची कूद T63 स्पर्धा में अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 1.91 मीटर की छलांग के साथ हासिल किया।
शैलेश ने यह उपलब्धि घरेलू मैदान और दर्शकों के सामने हासिल की, जिससे उनकी खुशी दोगुनी हो गई। स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्होंने कहा, “हम यहाँ 10 दिन पहले से तैयारी कर रहे थे। स्वर्ण पदक जीतना गर्व की बात है और मैं आने वाले टूर्नामेंट्स में और बेहतर करने के लिए प्रतिबद्ध हूँ।” वह खेलो इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के कोर ग्रुप से भी जुड़े रहे हैं।
इस स्पर्धा में भारत के वरुण सिंह भाटी ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 1.85 मीटर की छलांग के साथ कांस्य पदक जीता। वहीं, राहुल ने व्यक्तिगत रिकॉर्ड तो तोड़ा, लेकिन वे पदक से चूकते हुए चौथे स्थान पर रहे।
महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में दीप्ति जीवनजी ने सिल्वर मेडल जीतकर अपनी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 55.16 सेकंड का समय लेकर इस सीज़न का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जो सुबह के क्वालीफाइंग राउंड (58.35 सेकंड) से कहीं बेहतर रहा। दीप्ति इससे पहले पेरिस पैरालिंपिक 2024 में कांस्य पदक जीत चुकी हैं और अब वह TOPS और खेलो इंडिया योजना का हिस्सा हैं।

एडवोकेट नंदन झा, अध्यक्ष IMSA एवं SOG फेडरेशन के संस्थापक ने विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिलाओं की 400 मीटर T20 स्पर्धा के विजेताओं को पदक प्रदान किए।
यूक्रेन की यूलिया शुलियार – 56.29 सेकंड
भारत की दीप्ति जीवनजी – सीज़न का सर्वश्रेष्ठ समय 55.16 सेकंड
तुर्किये की अयसेल ओन्डर – विश्व रिकॉर्ड समय 54.51 सेकंड
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पुरुषों की 100 मीटर टी37 स्पर्धा में भी भारत के दो धावकों ने फाइनल में अपनी जगह पक्की की है। गुजरात के राकेशभाई भट्ट ने 11.62 सेकंड के साथ तीसरा स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया, जबकि उत्तर प्रदेश के श्रेयांश त्रिवेदी ने 11.94 सेकंड में दौड़ पूरी कर हीट 3 में दूसरा स्थान पाया। दोनों एथलीटों ने अपने-अपने व्यक्तिगत रिकॉर्ड को बेहतर किया।
इस स्पर्धा में ब्राज़ील के गोम्स डी मेंडोंका रिकार्डियो ने 11.25 सेकंड में दौड़ पूरी कर नया चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाया और फाइनल के लिए सबसे मज़बूत दावेदार के रूप में उभरे।
अन्य स्पर्धाओं में भारतीय प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा। पुरुषों के शॉट पुट F37 फाइनल में मनु 13.43 मीटर के थ्रो के साथ नौवें स्थान पर रहे, जो उनके व्यक्तिगत रिकॉर्ड 14.09 मीटर से कम था। वहीं, महिलाओं की डिस्कस थ्रो F53 स्पर्धा में कंचन लखानी ने 9.68 मीटर का थ्रो करते हुए पाँचवां स्थान हासिल किया। यह उनका सीज़न का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था, हालांकि उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ इससे बेहतर (10.06 मीटर) रहा है।
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इस शानदार प्रदर्शन के साथ भारत ने एक बार फिर वैश्विक पैरा एथलेटिक्स मंच पर अपनी उपस्थिति मजबूत की है और आने वाले दिनों में और पदकों की उम्मीद जताई जा रही है।









