ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच शनिवार को एक नई घटना ने हालात को और संवेदनशील बना दिया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे दो भारतीय व्यापारिक जहाजों पर ईरानी नौसेना द्वारा गोलीबारी किए जाने की खबर सामने आई है।
बताया जा रहा है कि इस दौरान जहाज के कैप्टन और ईरानी बलों के बीच रेडियो पर तीखी बातचीत भी हुई, जिसका ऑडियो अब सामने आया है। बातचीत में भारतीय कप्तान ने कहा कि उन्हें पहले आगे बढ़ने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में अचानक फायरिंग शुरू कर दी गई। उन्होंने सुरक्षित लौटने की अनुमति देने की गुहार भी लगाई।
हमले का शिकार बने जहाजों में से एक का नाम “सनमार हेराल्ड” बताया जा रहा है। हालांकि, भारत सरकार के सूत्रों के अनुसार जहाज और उस पर सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। घटना के दौरान कुछ समय के लिए जहाज का रेडियो संपर्क भी बाधित हो गया था, जिससे स्थिति और चिंताजनक हो गई।
इस घटनाक्रम पर भारत ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही भारत ने ईरान से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, भारत ने इस मामले में ईरान के राजदूत को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया है। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब ईरान ने पहले संघर्षविराम के दौरान इस मार्ग को खुला रखने की बात कही थी, लेकिन बाद में उसने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए नियंत्रण सख्त कर दिया।
ईरान ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले जहाजों को संदेह की नजर से देखा जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर, अमेरिका ने भी क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और ईरान के तेल निर्यात को रोकने के लिए कदम उठाए हैं।
इस बीच भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि उन्हें इस विशेष घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं और उम्मीद जताई कि मौजूदा तनाव का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाएगा।
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समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तनाव के चलते वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।









