• Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Friday, March 13, 2026
  • Login
पंचायती टाइम्स
Advertisement
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English
No Result
View All Result
पंचायती टाइम्स
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
  • English
Home भारत

पीरियड लीव पर कानून बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार 

मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों के कारण महिला कर्मचारियों को अनिवार्य अवकाश (पीरियड लीव) देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया।

Gautam Rishi by Gautam Rishi
13 March 2026
in भारत, स्वास्थ्य
0
पीरियड लीव पर कानून बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार - Panchayati Times

सुप्रीम कोर्ट

Share on FacebookShare on Twitter

मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों के कारण महिला कर्मचारियों को अनिवार्य अवकाश (पीरियड लीव) देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि ऐसी मांगें पहली नजर में उचित लग सकती हैं, लेकिन इन्हें कानून बनाकर लागू करना महिलाओं के रोजगार और करियर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

महिलाओं को कमजोर बताने वाली सोच से बचने की जरूरत

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ कर रही थी। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि महिलाओं को कमजोर समझने वाली सोच को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की याचिकाएं यह संदेश दे सकती हैं कि मासिक धर्म महिलाओं के लिए कोई नकारात्मक या असामान्य स्थिति है, जबकि ऐसा नहीं है।

सीजेआई ने यह भी कहा कि ऐसी मांगों से कार्यस्थलों पर महिलाओं की क्षमता और परिपक्वता को लेकर गलत मानसिकता बन सकती है, जो उनके पेशेवर विकास के लिए ठीक नहीं है।

स्वैच्छिक व्यवस्था का स्वागत, लेकिन अनिवार्यता पर चिंता

याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एम.आर. शमशाद ने दलील दी कि कुछ जगहों पर पहले से पीरियड लीव की व्यवस्था लागू है। उन्होंने बताया कि केरल सरकार ने स्कूलों में इस तरह की सुविधा दी है और कई निजी कंपनियां भी स्वेच्छा से महिलाओं को पीरियड लीव प्रदान कर रही हैं।

इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यदि कोई कंपनी स्वेच्छा से यह सुविधा देना चाहती है तो यह अच्छी बात है। लेकिन यदि इसे कानून के जरिए अनिवार्य बना दिया गया तो कई नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से बच सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि इससे महिलाओं के रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

नियोक्ताओं की स्थिति पर भी विचार जरूरी

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने कहा कि यह विचार सकारात्मक हो सकता है, लेकिन नियोक्ताओं की व्यावहारिक परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना चाहिए। अगर कंपनियों को अनिवार्य रूप से भुगतान सहित अवकाश देना पड़ेगा तो उसके आर्थिक और प्रशासनिक प्रभावों पर भी विचार करना जरूरी है।

सरकार से नीति बनाने पर विचार करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता पहले ही सरकार को इस संबंध में ज्ञापन दे चुका है। अदालत ने निर्देश दिया कि संबंधित प्राधिकरण विभिन्न हितधारकों से चर्चा कर इस विषय पर नीति बनाने की संभावना पर विचार करें।

यह भी पढ़ें: IPL 2026 से पहले फिक्सिंग का साया, KKR खिलाड़ी पर ICC के गंभीर आरोप

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता को इस मामले में दोबारा अदालत आने की आवश्यकता नहीं है। अब सरकार और संबंधित संस्थाएं आपसी परामर्श से आगे की प्रक्रिया तय कर सकती हैं।

Tags: पीरियड लीवसुप्रीम कोर्ट
Previous Post

IPL 2026 से पहले फिक्सिंग का साया, KKR खिलाड़ी पर ICC के गंभीर आरोप

Next Post

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के पक्ष में आया यह देश 

Gautam Rishi

Gautam Rishi

Related Posts

देश में गैस संकट पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने क्या कहा? - Panchayati Times
भारत

देश में गैस संकट पर पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने क्या कहा?

12 March 2026
पीरियड लीव पर कानून बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार - Panchayati Times
भारत

आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट का OBC क्रीमी लेयर पर बड़ा फैसला 

12 March 2026
पंचायतों में महिलाओं की सुरक्षा और नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए ‘निर्भय रहो’ पहल शुरू - Panchayati Times
भारत

पंचायतों में महिलाओं की सुरक्षा और नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए ‘निर्भय रहो’ पहल शुरू

12 March 2026
लोकसभा की गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी: ओम बिरला : Panchayati Times
भारत

लोकसभा की गरिमा बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी: ओम बिरला

12 March 2026
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज - Panchayati Times
भारत

लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव खारिज, सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी बहस

11 March 2026
पीरियड लीव पर कानून बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार - Panchayati Times
भारत

सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार दी इच्छामृत्यु की अनुमति

11 March 2026
Next Post
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के पक्ष में आया यह देश - Panchayati Times

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के पक्ष में आया यह देश 

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंचायती टाइम्स

पंचायती टाइम्स नई दिल्ली, भारत से प्रकाशित ग्रामीण भारत की आवाज़ को ले जाने वाला एक डिजिटल समाचार पोर्टल है।

पंचायती टाइम्स एकमात्र ऐसा न्यूज पोर्टल है जिसकी पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी प्रशंसा करते हुए कहा था कि पंचायती टाइम्स न सिर्फ मीडिया धर्म निभा रहा है बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभा रहा है।

Follow Us

Browse by Category

  • English (32)
  • IFIE (253)
  • Uncategorized (32)
  • अजब-गजब (38)
  • ऑटोमोबाइल (25)
  • कृषि समाचार (202)
  • खेल (502)
  • जुर्म (312)
  • दुनिया (315)
  • धर्म (122)
  • नई तकनीकी (133)
  • पंचायत (269)
  • बिज़नेस (223)
  • बिहार चुनाव (78)
  • ब्रेकिंग न्यूज़ (1,063)
  • भारत (2,564)
  • मनोरंजन (287)
  • राजनीति (55)
  • राज्यों से (986)
  • लोकसभा चुनाव 2024 (199)
  • शिक्षा / जॉब (148)
  • स्वास्थ्य (96)

Recent News

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के पक्ष में आया यह देश - Panchayati Times

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के पक्ष में आया यह देश 

13 March 2026
पीरियड लीव पर कानून बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार - Panchayati Times

पीरियड लीव पर कानून बनाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का इनकार 

13 March 2026
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
  • Login
  • पंचायती टाइम्स
  • भारत
  • पंचायत
    • कृषि समाचार
  • खेल
  • जुर्म
  • राज्यों से
  • मनोरंजन
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा / जॉब
  • दुनिया
  • बिज़नेस
    • IFIE
    • नई तकनीकी
    • ऑटोमोबाइल
  • English

© 2024 पंचायती टाइम्स. All Rights Reserved