दिल्ली और एनसीआर में पटाखों पर लगे प्रतिबंध को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अदालत ने संकेत दिए हैं कि ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति दी जा सकती है, बशर्ते वे प्रदूषण मानकों के अनुरूप हों और प्रमाणित एजेंसियों से स्वीकृत हों।
मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने ग्रीन पटाखों की अनुमति की सिफारिश करते हुए कहा कि बच्चों को त्योहार का आनंद उठाने का मौका मिलना चाहिए।
SG तुषार मेहता ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान तुषार मेहता ने कोर्ट से आग्रह किया कि दिवाली जैसे त्योहारों के मौके पर समय सीमा की सख्त पाबंदी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “बच्चों को पटाखे जलाने के लिए मनाने में ही एक घंटा लग जाता है। ऐसे में अगर केवल दो घंटे की अनुमति दी जाए तो यह पर्याप्त नहीं है।”
उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, “मेरे अंदर का बच्चा, आपके अंदर के बच्चे को पटाखे जलाने की इजाजत देने के लिए मना रहा है।”
सीजेआई गवई ने इस पर मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि, “दो घंटे काफी होंगे… देखते हैं।”
सुप्रीम कोर्ट के सवाल और प्रदूषण पर बहस
मुख्य न्यायाधीश गवई ने सवाल किया कि क्या पटाखों पर बैन लगाने से वास्तव में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में कोई सुधार हुआ है?
SG मेहता ने जवाब में कहा कि 2018 में बैन के बाद भी AQI में कोई खास फर्क नहीं पड़ा। केवल कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान थोड़ी राहत देखी गई थी, पर वह अन्य कारणों से थी।
पटाखा उत्पादकों की ओर से भी अदालत में दलील दी गई कि केवल पटाखों को निशाना बनाना उचित नहीं है, जबकि पराली जलाना और वाहन प्रदूषण जैसे अन्य बड़े कारणों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

ग्रीन पटाखों को लेकर कोर्ट में दिए गए सुझाव
SG तुषार मेहता ने कोर्ट को सुझाव दिया कि:
- सिर्फ उन्हीं विक्रेताओं को ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी जाए, जिन्हें
- NEERI (नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट)
- PESO (पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन)
से प्रमाणन प्राप्त हो।
- लड़ी वाले पटाखों पर प्रतिबंध पहले की तरह जारी रखा जाए।
- पहले उन्होंने रात 8 बजे से 10 बजे तक पटाखे जलाने की समयसीमा की बात कही, लेकिन बाद में खुद ही कहा कि इस पर पुनर्विचार किया जाए।
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अब क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर फैसला सुनवाई के बाद सुरक्षित रख लिया है और आने वाले दिनों में इस पर आदेश जारी किया जाएगा। दिल्ली-NCR के लाखों लोगों की नजर अब कोर्ट के इस फैसले पर टिकी है, क्योंकि यह तय करेगा कि इस बार दिवाली पर पटाखे जलेंगे या नहीं — और अगर जलेंगे, तो कितनी देर और किन शर्तों के साथ।









